वाराणसी, सन्मार्ग। दशाश्वमेध थाना क्षेत्र अंतर्गत गोदौलिया चौराहे के समीप कल देर शाम अत्यधिक नशा कर लेने के कारण जापानी युवा पर्यटक गोदौलिया चौराहे पर अचेत अवस्था में मिला क्षेत्रीय नागरिकों ने दशाश्वमेध पुलिस को दी सूचना मौके पर पहुंची दशाश्वमेध पुलिस ने सर्वप्रथम मारवाड़ी हिंदू अस्पताल में उपचार करने के लिए दाखिल किया मगर डॉक्टर ने मंडली अस्पताल कबिर चौराहा के लिए कर दिया रेफर। जापानी युवा पर्यटक से बात करने में स्थानीय पुलिस कर्मियों को हुई काफी परेशानी, भाषाई दिक्कत के कारण, पुलिस के द्वारा पर्यटक पुलिस को सूचना देने के बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे पर्यटक पुलिस के अधिकारी या जवान। मंडली अस्पताल में दशाश्वमेध पुलिस के द्वारा जापानी युवक को उपचार हेतु भर्ती कराया गया पुलिस ने बताया कि युवक बंगाली टोला स्थित एक गेस्ट हाउस में रुका हुआ है अत्यधिक नशा कर लेने के कारण यह किसी भी प्रकार का जवाब देने में असमर्थ है।
सवाल यह उठता है कि विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर के वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस कितनी है सजग ? कैसे इन विदेशी पर्यटकों को उपलब्ध हो जाते हैं नशीले पदार्थ काशी के प्राचीन गलियों में निवास करने वाले स्थानीय लोग होते हैं कई भाषाओं के जानकार हरिशचंद्र घाट से लगायत मणिकर्णिका तक सैकड़ो की तादाद में घूमते हैं अवैध गाइड जिनकी रह-रह कर धर पकड़ तो होती है मगर फिर वही माटी पोत वाली कार्रवाई विभाग के द्वारा की जाती है। टूरिस्ट गाइड एसोशिएशन के अध्यक्ष जैनेंद्र राय ने कहा कि पर्यटक पुलिस कभी भी विदेशी सैलानियों के साथ घूमने वाले लोगों की नहीं करतीं जांच-पड़ताल जिस कारण पर्यटन क्षेत्र में हर साल अवैध गाइडों की भरमार देखने को पाई जाती है। यही कारण की वजह से होते हैं देसी या विदेशी पर्यटक दुर्घटनाओं के शिकार। इंक्रेडिबल इंडिया टूरिस्ट फैसिलिटेटर एसोशिएशन के यूपी चैप्टर के प्रेसिडेंट – विक्रम मेहरोत्रा ने बताया की भारत सरकार से प्रशिक्षण प्राप्त करके गाइड बने आईआईटीजी, आईआईटीएफसी और उत्तर प्रदेश टूरिज्म के गाइड हैं।

यही तीन श्रेणियां में पर्यटन मंत्रालय ने ग्राउंड लेवल पर पेशेवर पर्यटन सेवा को प्रदान करने वालों की श्रेणी बाटी है। मगर इनकी संख्या बहुत कम है। अगर देखा जाए तो सारनाथ से लेकर कैंट स्टेशन व गोदौलिया चौराहे से लेकर हरिश्चंद्र, मणिकर्णिका घाट, अस्सी घाट तक इन अवैध गाइडों का रहता है कब्जा।

इनके जिम्मेदार पर्यटक पुलिस कभी नहीं करते इन अवैध गाइडों के ऊपर कोई कार्रवाई, प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र होने के कारण देसी विदेशी पर्यटकों का काफी लगाव वाराणसी की प्राचीन इतिहासों से जुड़ा हुआ है स्थानीय जिला प्रशासन को इस गंभीर विषय में कोई मजबूत विकल्प निकालना चाहिए। जो जिस कार्य क्षेत्र का अधिकारी है वही उस क्षेत्र में कार्य करें दूसरा कोई नहीं।

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