काशी के युवा कलाकारों को प्रतिभा दिखाने का विशेष अवसर

वाराणसी, सन्मार्ग। संकट मोचन मंदिर में होने वाले वार्षिक संगीत समारोह का शुभारंभ 27 अप्रैल से होगा। 101वें वर्ष में प्रवेश कर चुका यह दुनिया का एक मात्र संगीत सम्मेलन दो मई को सम्पन्न होगा। उक्त जानकारी आज पत्रकार वार्ता में संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वम्म्भरनाथ मिश्र ने दी।

उन्होंने बताया कि इस संगीत समारोह में कुल 150 कलाकार अपनी शास्त्रीय संगीत की कला का प्रदर्शन करेंगे। इस वर्ष के आयोजन में एक दर्जन से अधिक पद्म पुरस्कार से सम्मानित कलाकार संकट मोचन जी के दरबार में अपनी स्वरांजलि अर्पित करेंगे। वही इस सम्मेलन में 14 नव प्रवेशी कलाकारों को अपनी प्रतिभा ेके प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। प्रो. मिश्र ने बताया कि इस संगीत सम्मेलन में पं. रतिकांत महापात्र (ओडिसी नृत्य) पं. साजन मिश्र, पं. अजय पोहनकर श्रीमती मालिनी अवस्थी, पं. उमाकांत, अनंत रमाकांत गुंदेचा जैसे शास्त्रीय संगीत की स्वनाम हस्तियां अपने गायन को प्रस्तुत करेंगे। 30 अप्रैल को भजन सम्राट अनूप जलोटा का गायन होगा। इस वर्ष सम्मेलन में संगीत प्रेमियों को काशी के प्रतिभावान कलाकारों की कला को देखने व सुनने का विशेष अवसर मिलेगा। कार्यक्रम प्रतिदिन सायं 7.30 बजे से शुरू होगा।

प्रो. मिश्र ने बताया कि हनुमत जयंती के अवसर पर मंगलवार को शहनाई वादन होगा, इसके साथ ही भूदेवों द्वारा रुद्राभिषेक, रामार्चा पूजन, श्री वाल्मीकि रामायण के सुंदरकांड का पाठ होगा। इस अवसर पर अखंड रामचरितमानस का पाठ भी होगा। दिनांक 24 अप्रैल से 26 अप्रैल तक तीन दिवसीय सार्वभौम रामायण सम्मेलन में काशी सहित देश के ख्यातिनाम मानस मर्मज्ञ शाम पांच बजे से दस बजे तक श्री रामचरित का गुणगान करेंगे। कार्यक्रम में बिहार आरा के डा. भारत भूषण पांडेय, भभुआ के डा. चंद्रकांत चतुर्वेदी एवं मीरजापुर के प्रो. नलिन श्याम कामिल भी रामकथा का गायन एवं वाचन करेंगे।

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