वाराणसी। गंगाजल के गुणवत्ता की रिपोर्ट अब एकदम सटीक और जल्द उपलब्ध हो सकेगी। संकटमोचन फाउंडेशन की गंगा लैब को अत्याधुनिक और बेहतर बनाने के लिए हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने हाथ बढ़ाया है। एचपीसीएल के अधिकारियों ने गंगा स्वच्छता, लैब अपग्रेडेशन और जागरूकता के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
तुलसीघाट स्थित संकटमोचन फाउंडेशन के कार्यालय में महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र और एचपीसीएल के डीजीएम दीपक राय ने एमओयू पर दस्तखत किए। एचपीसीएल ने संकटमोचन फाउंडेशन की गंगा लैब को अपग्रेड करने, सफाई के लिए जागरूकता अभियान चलाने और गंगाजल की जांच के लिए 7.71 लाख रुपये का सहयोग दिया है। संकटमोचन फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र ने बताया कि गंगा लैब में नियमित रूप से गंगाजल की जांच की जा रही है। लैब अपग्रेड होने से गंगाजल के नमूनों की जांच सटीक और समय से मिल सकेगी।
इसके साथ ही समय-समय पर कार्यक्रम के जरिए आम लोगों को भी गंगा के सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है। एचपीसीएल ने फाउंडेशन के काम के आधार पर अपनी तरफ से एमओयू के लिए पहल की है। सीएसआर फंड से मिली धनराशि से सफाई के प्रति जागरूकता, गंगाजल की जांच के साथ ही लैब को अपग्रेड किया जाएगा। इस दौरान एचपीसीएल की इंजीनियरिंग टीम के अभिजीत दीक्षित और सुरंजन शर्मा मौजूद रहे।