हरियाणा विधानसभा में 90 सीटें हैं। 41 भाजपा के पास है। 7 निर्दलीय और एक हलोपा के विधायक का समर्थन मिल चुका है। यहां बहुमत के लिए 46 सीटें चाहिए। भाजपा के पास 49 विधायकों का समर्थन है।
लोकसभा चुनाव से पहले हरियाणा की सियासत अचानक गरमा गई है। भाजपा और जननायक जनता पार्टी (जजपा) का गठबंधन टूट गया है। अभी औपचारिक ऐलान बाकी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पूरी कैबिनेट के साथ राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि नए सिरे से सरकार का गठन होगा।राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी चल रही है। हरियाणा में सीएम के तौर पर नया चेहरा लाया जा सकता है। खट्टर को करनाल से लोकसभा चुनाव लड़वाया जा सकता है।
- चंडीगढ़ में भाजपा विधायक दल की बैठक जारी है। बैठक में पर्यवेक्षक अर्जुन मुंडा और तरुण चुघ मौजूद हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नायब सैनी भी शामिल हैं।
- आज भाजपा दोबारा सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। सीएम मनोहर के साथ 5 मंत्री शपथ ले सकते हैं। राजभवन में शाम 5 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा।
- भाजपा से गठबंधन टूटने के बाद जजपा में बगावत हो गई है। सभी 10 विधायकों की दिल्ली में मीटिंग बुलाई थी, लेकिन उसमें 5 वहां नहीं पहुंचे।
दुष्यंत चौटाला ने लौटाई सरकारी गाड़ियां
जजपा के राष्ट्रीय महासचिव और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ले सरकारी गाड़ियां लौटा दी हैं। उन्होंने सोमवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। मंगलवार को दुष्यंत चौटाला एक बार फिर दिल्ली में हैं। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात का समय मांगा है।
क्यों टूटा गठबंधन?
सूत्रों का कहना है कि हरियाणा में भाजपा सरकार आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे पर मतभेदों के बीच दुष्यंत चौटाला की के साथ अपना गठबंधन खत्म कर रही है। दरअसल, जजपा 2 सीट लोकसभा चुनाव के लिए मांग रही है। जबकि भाजपा देने के मूड में नहीं है। भाजपा सभी 10 सीटों पर लड़ना चाहती है।
भाजपा ने हरियाणा भेजा 2 पर्यवेक्षक
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार रात और मंगलवार सुबह विधायकों के साथ इमरजेंसी मीटिंग की। जिसमें सरकार को समर्थन देने वाले निर्दलीय विधायक भी शामिल हुए। राजभवन में काफी गहमागहमी है। पार्टी सात निर्दलीय उम्मीदवारों के साथ नई सरकार बना सकती है। वर्तमान में भाजपा के 41 विधायक, कांग्रेस के 30 और जेजेपी के 10 विधायक हैं। सात निर्दलीय हैं, जबकि इंडियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी) और हरियाणा लोकहित पार्टी (एचएलपी) का एक-एक विधायक है।
केंद्र की नजर हरियाणा के घटनाक्रम पर है। भाजपा ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और पार्टी नेता तरुण चुघ को पर्यवेक्षक के रूप में हरियाणा भेजा है।
निर्दलीय विधायक बोले- हमने अपना समर्थन दिया
निर्दलीय विधायक नयन पाल रावत ने कहा कि मैं कल मुख्यमंत्री से मिला था। हमने पहले ही सीएम मनोहर लाल के नेतृत्व वाली सरकार को अपना समर्थन दे दिया है। हमने लोकसभा चुनाव की रणनीति पर भी चर्चा की। जजपा से गठबंधन टूट चुका है।
हरियाणा में दलीय स्थिति
| पार्टी | पार्टी |
| भाजपा | 41 |
| जजपा | 10 |
| हालोपा | 01 |
| कांग्रेस | 30 |
| इनेलो | 01 |
| निर्दलीय | 07 |
इन निर्दलीय विधायकों ने दिया समर्थन
- धर्मपाल गोंदर निर्दलीय
- रणधीर गोलन
- गोपाल कांडा हलोपा
- राकेश दौलताबाद
- सोमवीर सांगवान
- रणजीत चौटाला
- नयन पाल रावत
सरकार पर संकट नहीं, सेफ जोन में भाजपा
हरियाणा में अगर जजपा गठबंधन तोड़ देती है तो भी भाजपा सरकार पर संकट नहीं है। हरियाणा विधानसभा में 90 सीटें हैं। 41 भाजपा के पास है। 7 निर्दलीय और एक हलोपा के विधायक का समर्थन मिल चुका है। यहां बहुमत के लिए 46 सीटें चाहिए। भाजपा के पास 49 विधायकों का समर्थन है।

