राज्यसभा के 15 सीटों के लिए आज उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में वोटिंग हो रही है। यूपी में मामला सबसे ज्यादा दिलचस्प हो गया है। यहां बीजेपी और एसपी ने अपने-अपने उम्मीदवारों को जिताने के लिए किलेबंदी कर रखी है। दूसरी तरफ कर्नाटक में राज्यसभा चुनाव में जेडीएस के कैंडिडेट उतारने की वजह चुनाव रोचक हो गया है। हिमाचल प्रदेश में भी बीजेपी ने कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी के खिलाफ घेरा बना रखा है।
- कर्नाटक में कांग्रेस ने तीन, भाजपा ने एक सीट पर जीत हासिल कीकर्नाटक में मंगलवार को राज्यसभा चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने तीन सीट, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक सीट जीती। उच्च सदन के लिए निर्वाचित हुए व्यक्तियों में अजय माकन, जी सी चंद्रशेखर और सैयद नसीर हुसैन (सभी कांग्रेस से) और भाजपा के नारायणसा के. भांडगे शामिल हैं।चुनाव में चार सीट के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें जनता दल (सेक्युलर) के उम्मीदवार डी. कुपेंद्र रेड्डी भी शामिल थे।चुनाव में क्रॉस वोटिंग हुई। भाजपा विधायकों में से एक, एस टी सोमशेखर ने कांग्रेस के अजय माकन के लिए मतदान किया, जबकि अन्य विधायक ए. शिवराम हेब्बार ने मतदान में भाग नहीं लिया।
- यूपी में काउंटिंग पर लगा ब्रेकराज्यसभा चुनाव में वोटिंग के बाद अब वोटों की गिनती शुरू हो गई है। हालांकि उत्तर प्रदेश में वोटों की गिनती पर कुछ देर कि लिए ब्रेक लग गया है। दरअसल ओमप्रकाश राजभर ने दो वोट पर आपत्तियां जताई है और कहा है कि जब तक इन दोनों वोटों का समाधान न हो तो वोटों की गिनती न हो।
- हिमाचल में शुरू हुई वोटों की गिनतीहिमाचल प्रदेश में वोटों की गिनती शुरू हो गई है। बता दें कि यहां पर सिर्फ एक सीट के लिए मतदान हुआ है। ऐसे में यहां के नतीजे काफी दिलचस्प हो सकते हैं।
- कर्नाटक के 214 विधायकों ने राज्यसभा चुनाव में मतदान कियाकर्नाटक के 214 विधायकों ने राज्य की चार राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे चुनाव में मंगलवार दोपहर एक बजे तक मतदान किया। कर्नाटक की 223 सदस्यीय विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष को छोड़कर कांग्रेस के पास 133 विधायक हैं जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) के पास क्रमशः 66 और 19 विधायक हैं। अन्य विधायकों की संख्या चार है। एक कांग्रेस विधायक का रविवार को निधन हो गया था।
- राज्यसभा चुनावः यूपी से ज्यादा हिमाचल में बढ़ गया सस्पेंस, सिंघवी के साथ BJP ने कर दिया खेला?हिमाचल प्रदेश में राज्य सभा की 1 सीट के लिए मतदान हो रहा है। संख्या बल के आधार पर कांग्रेस की जीत सुनिश्चित है। लेकिन बीजेपी ने हर्ष महाजन को मैदान में उतारकर दिलचस्प बना दिया है। इसी बीच सूत्रों की मानें तो कांग्रेस के 9 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। इन सभी विधायकों ने बीजेपी प्रत्याशी हर्ष महाजन के पक्ष में मतदान किया है। हालंकि इसमें कितनी सच्चाई है इसका पता शाम को 5 बजे के बाद पता चल पाएगा। शाम को 5 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी और विजेता का पता चलेगा। हिमाचल के 68 के 68 विधायकों ने वोट डाल दिया है। कांग्रेस के विधायक सुदर्शन कुमार बबलू ने सबसे अंत में वोट डाला। वो बीमार थे। उन्हें वोट डालने के लिए चॉपर से लाया गया।
- राज्यसभा चुनाव: हमें नहीं चाहिए आपको वोट…जब पल्लवी पटेल से हुई अखिलेश यादव की बहस
- उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के बीच विवाद गरमाया हुआ है। समाजवादी पार्टी में भगदड़ जैसी स्थिति बनी हुई है। विधायकों के पाला बदलने का दौर जारी है। भारतीय जनता पार्टी के आठवें उम्मीदवार संजय सेठ और समाजवादी पार्टी के तीसरे उम्मीदवार आलोक रंजन के बीच राज्यसभा के दसवीं सीट को लेकर वोटिंग हो रही है। इस बीच अपने उम्मीदवार के पक्ष में विधायकों को एकजुट करने के लिए खुद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कमान संभाली है। हालांकि, इस दौरान उन्हें अलग स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक मनोज पांडेय ने इस्तीफा दे दिया है। उनके भाजपा में जाने की चर्चा है। वहीं, पल्लवी पटेल की नाराजगी सार्वजनिक हो चुकी है। वोटिंग को लेकर मनाने के लिए जब अखिलेश ने पल्लवी पटेल को फोन किया तो दोनों के बीच कहासुनी की चर्चा है।
- सपा के वो 8 MLA कौन जिन्होंने अखिलेश यादव की धड़कनें बढ़ा दीं
- राज्यसभा के लिए यूपी की 10 सीटों पर मंगलवार को वोटिंग चल रही है। बीजेपी के आठ और सपा के तीन प्रत्याशी मैदान में हैं। चर्चा चल रही है कि सपा के करीब 10 विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। सोमवार रात अखिलेश यादव ने सपा विधायकों की बैठक बुलाई थी जिसमें आठ नेता गायब रहे। सपा की ओर से आयोजित डिनर में विधायक मनोज पांडेय, राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह, राकेश पांडेय, पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी, महाराजी प्रजापति और पल्लवी पटेल नहीं पहुंचीं। इनकी गैरहाजिरी से अखिलेश की चिंता बढ़ गई है। इनमें से मनोज पांडेय ने तो वोटिंग शुरू होते ही सपा के चीफ व्हिप के पद से इस्तीफा दे दिया। बताया जा रहा है कि वह बीजेपी जॉइन कर सकते हैं। उन्हें लोकसभा चुनाव में रायबरेली का उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
- मनोज पांडेय ने सपा सचेतक के पद से दिया इस्तीफा
- यूपी राज्यसभा चुनाव के दौरान बड़ी खबर आई है। सपा के मुख्य सचेतक मनोज पांडेय ने पद से इस्तीफा दे दिया है। वह एक दिन पहले अखिलेश यादव की तरफ से बुलाई गई डिनर पार्टी में भी गायब थे। बताया जा रहा है कि वह राज्यसभा चुनाव में एनडीए प्रत्याशी को वोट दे सकते हैं।
- एसपी को लगेगा झटकाउत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव बड़ा रोचक होता जा रहा है। चुनाव के एक दिन पहले सोमवार को एसपी की तरफ से बुलाई बैठक में आठ विधायक गायब रहे। उनके शामिल न होने पर सियासी हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। एसपी के एक बड़े नेता ने बताया कि सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सोमवार को पार्टी के सभी विधायकों को बुलाया था। उन्हें चुनावी बारीकियां समझाने के लिए बुलाया गया था। लेकिन उसमें ऊंचाहार से सपा के वरिष्ठ विधायक मनोज पांडेय, मुकेश वर्मा (शिकोहाबाद), महाराजी देवी (अमेठी), पूजा पाल (कौशांबी), राकेश पांडेय (अंबेडकर नगर), विनोद चतुर्वेदी (कालपी), राकेश प्रताप सिंह (गौरीगंज), अभय सिंह (गोसाईंगंज) नदारद रहे। एसपी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने भी आठ विधायकों के बैठक में शामिल न होने की बात स्वीकार की है। हालांकि उन्होंने नाम बताने से मना कर दिया। पार्टी अध्यक्ष द्वारा बुलाई गई बैठक में सपा के आठ विधायकों के शामिल न होने को लेकर तरह-तरह चर्चाओं का बाजार गर्म है।
- 2019 में बीजेपी में शामिल हुए थे सेठस्थानीय उद्योगपति और पूर्व एसपी नेता सेठ 2019 में बीजेपी में शामिल हुए थे। सेठ ने गत दिनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में अपना नामांकन दाखिल किया था। राज्यसभा की 10 सीट के लिए आज मतदान होगा और आज ही नतीजे भी घोषित कर दिये जाएंगे।
- UP Rajya Sabha Voting: यूपी में होगी जोरदार टक्करउत्तर प्रदेश में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले ही आज राज्यसभा चुनाव में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी, जिसमें 10 सीट के लिए बीजेपी ने 8 और विपक्षी एसपी ने तीन उम्मीदवार उतारे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि देश में आम चुनाव से ठीक पहले हो रहे राज्यसभा चुनाव के नतीजों का राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश पर प्रभाव पड़ेगा। सत्तारूढ़ बीजेपी और एसपी के पास क्रमशः सात और तीन सदस्यों को निर्विरोध राज्यसभा भेजने के लिए विधानसभा सदस्यों का पर्याप्त संख्या बल है, लेकिन बीजेपी ने अपने आठवें उम्मीदवार के रूप में संजय सेठ को मैदान में उतारा है, जिससे एक सीट पर कड़ी प्रतिस्पर्धा होने की संभावना है।
- Karnataka Rajya Sabha Election: कर्नाटक में किसके पास कितनी सीटेंकर्नाटक में कांग्रेस के पास 134 विधायक जबकि बीजेपी के पास 66 और जद (एस) के पास 19 विधायक हैं, जबकि चार अन्य विधायक हैं। चार अन्य विधायकों में से, कांग्रेस दो निर्दलीय और सर्वोदय कर्नाटक पक्ष के दर्शन पुत्तनैया के समर्थन का दावा करती है तथा तीन सीटें जीतने को लेकर आश्वस्त है। दिलचस्प बात यह है कि एक अन्य विधायक जी. जनार्दन रेड्डी (कल्याण राज्य प्रगति पक्ष) ने सोमवार को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से मुलाकात की। कर्नाटक में राज्यसभा चुनाव का माहौल तब दिलचस्प हो गया जब भाजप, जेडीएस गठबंधन ने अपना दूसरा उम्मीदवार (कुपेंद्र रेड्डी) मैदान में उतारा, हालांकि गठबंधन चार में से केवल एक सीट जीतने की ताकत रखता है। प्रत्येक उम्मीदवार को जीत के लिए 45 वोट हासिल करने होंगे।
- Karnataka Rajya Sabha Voting: कर्नाटक में कौन मारेगा बाजीकर्नाटक में राज्यसभा चुनाव से एक दिन पहले कांग्रेस ने सोमवार को अपने सभी विधायकों को एक होटल में पहुंचा दिया है। पांच उम्मीदवार, अजय माकन, सैयद नसीर हुसैन और जी.सी. चंद्रशेखर (सभी कांग्रेस), नारायण बंदगे (बीजेपी) और कुपेंद्र रेड्डी (जेडीएस) मैदान में हैं।‘क्रॉस वोटिंग’ की आशंकाओं के बीच सभी पार्टियों ने मंगलवार को होने वाले मतदान के लिए अपने विधायकों को व्हिप जारी किया है।
