भारी संख्या में समर्थकों के साथ रोड शो करते पहुंचे जिला मुख्यालय, मार्ग में विभूतियों की प्रतिमाओं पर किया माल्र्यापण,बड़ा गणेश, काल भैरव और विश्वनाथ धाम में किया दर्शन पूजन
वाराणसी (सन्मार्ग)। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और इंडी गठबंधन के प्रत्याशी अजय राय ने शुक्रवार को पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के हुजुम के साथ नामांकन करने निकले। रोड शो करते हुए अजय राय साइकिल से कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और नामांकन दाखिल किया। इसके पूर्व वह सुबह 6.30 बजे पैदल लोहटिया स्थित बड़ा गणेश मंदिर पहुंचे और दर्शन-पूजन कर फिर बाबा काल भैरव के दरबार में मत्था टेक कर जीत की कामना की। इसके बाद बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन कर सुबह नौ बजे बेनिया बाग में राजनारायण पार्क पहुंचे।
यहां राजनारायण की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर साइकिल से नामांकन के लिए रवाना हुए। राजनारायण पार्क से लहुराबीर पार्क होते हुए वह जिला मुख्यालय पहुंचे। अजय राय के साथ उनकी प्रस्तावक कैंट से सपा प्रत्याशी रही पूजा यादव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल और आम आदमी पार्टी के नेता मुकेश सिंह व कम्युनिस्ट नेता शामिल रहे। दोपहर 2.30 बजे तक कलेक्ट्रेट परिसर में नामांकन प्रक्रिया चल रही थी।
साइकिल से कचहरी पहुंचे अजय राय
बेनियाबाग स्थित जय नारायण पार्क से जिला मुख्यालय तक इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी अजय राय साइकिल चला कर पहुंचे। अजय राय के नामांकन के दौरान जगह-जगह समर्थकों का भी जुटान रहा। शुक्रवार की सुबह से ही सपा-कांग्रेस से जुड़े अन्य संगठन के लोग बड़ा गणेश मंदिर से लेकर जिला मुख्यालय तक टुकडिय़ां बनाकर खड़े रहे। मुख्यालय पर ढोल-नगाड़े बज रहे थे।
बसपा प्रत्याशी अतहर जमाल लारी ने किया नामांकन
बहुजन समाज पार्टी से टिकट पाने वाले अतहर जमाल लारी ने भी शुक्रवार को अपने समर्थकों के साथ नामांकन किया। दोपहर 12.00 बजे अतहर जमाल लारी जिला मुख्यालय पहुंचे। उनके साथ बसपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थें। मीडिया सही बातचीत में बसपा प्रत्याशी लारी ने कहा कि वह सामान्य तरीके से अपना नामांकन करेंगे।
नामांकन के लिए घोड़ी पर आया प्रत्याशी
शुक्रवार को नामांकन के चौथे दिन कई लोगों ने पर्चा दाखिल किया। चंदौली से विनोद कुमार यादव घोड़ी पर बैठकर नामांकन करने पहुंचे। निर्दल प्रत्याशी संजय कुमार तिवानी ने भी अपना नामांकन दाखिल किया। इसी क्रम में मध्य प्रदेश से वैद्यराम नामांकन पर्चा खरीदने आए। वह निर्दलीय लड़ेंगे। उन्होंने एक-एक-रुपये का सिक्का (25 हजार रुपये) लिया हुआ था। वह भारत माता और गंगा मइया की जयकार लगाते हुए पहुंचा।
