नई दिल्ली। भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने कहा कि ईवीएम मशीनों के माध्यम से चुनाव कराना पूरी तरह सुरक्षित और व्यवहारिक है। मंगलवार को इंडियन वीमेन प्रेस कोर्प में महिला पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान एस वाई कुरैशी ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव में, केवल 34 मतपत्र थे और फिर भी गलतियां हुईं। सोचिए 80 करोड़ मतपत्रों के मामले में तो बेईमानी कहीं ज्यादा होगी। हमने बैलेट पेपर छोड़ दिया क्योंकि उस समय बूथ कैप्चरिंग होने की संभावना बनी रहती थी और अगर हम बैलेट पेपर वापस लाएंगे तो यह दोबारा होगा। इसके बजाय वीवीपैट को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए।

एक देश, एक चुनाव’ को लेकर जारी बहस के बीच पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि अगर यह लागू होता है तो चुनावों पर होने वाला खर्च कम होगा लेकिन इसके लिए सरकार को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वसम्मति बनानी होगी। अगर सर्वसम्मति न हो तो लोगों पर यह थोपा न जाए। उन्होंने कहा कि इसपर कई सालों से चर्चा चल रही है। सभी इंतजार कर रहे हैं। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय समिति द्वारा देश में एक साथ चुनाव कराने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं लेकिन इन सब के बीच संविधान में संशोधन करना होगा। लॉजिस्टिकली इसमें कोई दिक्कत नहीं है। मौजूदा से तीन गुना वीवीपैट मशीनें लगेंगी लेकिन इसके लिए सर्वसम्मति बनानी होगी।

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