नई दिल्ली । किसान प्रदर्शन का आज 9वां दिन है। अब तक दो किसान और दो पुलिस सब इंस्पेक्टर की मौत हो चुकी है। बुधवार को किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि हमने सरकार से कहा है कि आप हमें मार सकते हैं, लेकिन कृपया किसानों पर अत्याचार न करें।पंजाब के प्रदर्शनकारी किसानों ने दाल, मक्का और कपास को एमएसपी पर खरीदने के केंद्र के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। किसान आज बुधवार सुबह 11 बजे दिल्ली कूच करेंगे। प्रदर्शनकारी किसान पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर के अलावा खनौरी बॉर्डर से भी आएंगे। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर दिल्ली कूच करेंगे। इससे पहले मंगलवार देर रात पंजाब से शंभू बॉर्डर की तरफ हैवी मशीनरी लेकर आ रहे किसानों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। इसमें शंभू थाना के एसएचओ अमनपाल सिंह विर्क और मोहाली के एसपी जगविंदर सिंह चीमा घायल हो गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
- किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि हमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। हम बैठकों में शामिल हुए, हर बिंदु पर चर्चा हुई और अब फैसला केंद्र सरकार को लेना है।
- किसानों के दिल्ली चलो मार्च के मद्देनजर टिकरी बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम हैं। पुलिस और जवानों को तैनात किया गया है।
- शंभू बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि हमारा इरादा किसी तरह की अराजकता पैदा करने का नहीं है। हम शांति से दिल्ली जाना चाहते हैं। सरकार बैरिकेड हटाकर हमें अंदर आने दे। नहीं तो हमारी बात पूरी करें। हमें धैर्य के साथ स्थिति को संभालना होगा। मैं युवाओं से अपील करता हूं कि वे नियंत्रण न खोएं।
- केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि हम हमेशा अच्छी राय का स्वागत करते हैं। लेकिन यह कैसे होगा, इसका रास्ता ढूंढना होगा। बातचीत ही एकमात्र रास्ता है। बातचीत से समाधान अवश्य निकलेगा।
- पीएम मोदी सामने आएं और कानून की घोषणा करें
- किसान प्रदर्शन का आज 9वां दिन है। अब तक दो किसान और दो पुलिस सब इंस्पेक्टर की मौत हो चुकी है। बुधवार को किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि हमने सरकार से कहा है कि आप हमें मार सकते हैं, लेकिन कृपया किसानों पर अत्याचार न करें। हम अनुरोध करते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी आगे आएं और एमएसपी कानून की घोषणा करें। इससे हमारा विरोध खत्म हो जाएगा।
- किसान नेता ने कहा कि हरियाणा के गांवों में अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। हमने क्या अपराध किया है? क्या इसी दिन के लिए हमने आपको प्रधानमंत्री बनाया है। हमने कभी नहीं सोचा था कि सेनाएं हम पर इस तरह से अत्याचार करेंगी। कृपया संविधान की रक्षा करें और हमें शांतिपूर्वक दिल्ली की ओर जाने दें। यह हमारा अधिकार है। वरना देश आपको माफ नहीं करेगा।
- कैसी है पुलिस की तैयारी?
- पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू बॉर्डर और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की ओर जाने वाली अन्य चौकियों पर किलेबंदी के साथ काफिले को रोकने के लिए कमर कस ली है। कंक्रीट अवरोधक, कांटेदार तार और बड़े शिपिंग कंटेनर नाकेबंदी के लिए जुटाए गए हैं। पुलिस ने किसानों के ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों की आवाजाही को रोकने के लिए राजमार्ग पर सीमेंट की कील पट्टियां लगा दी हैं।
- किसान बड़ी-बड़ी मशीनें लेकर आए
- किसानों ने भी पुलिस की किसी भी नाकाबंदी का मुकाबला करने के लिए कमर कस ली है और अपने अस्थायी संसाधनों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। किसानों ने ‘दिल्ली चलो’ मार्च को जारी रखने के लिए एक अस्थायी टैंक बनाया है। जेसीबी पोकलेन मशीन भी किसान लाए हैं। आंसू गैस के गोले और रबर छर्रों से बचाने के लिए ऑपरेटर केबिन को लोहे की चादरों से ढका गया है। प्रदर्शनकारी किसानों का मानना है कि आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियां लोहे की चादर के सामने बेअसर रहेंगी। आंसू गैस के गोले से निकलने वाले धुएं से बचने के लिए किसानों ने इंतजाम किया है।
- गृह मंत्रालय रख रहा पैनी नजर
गृह मंत्रालय ने कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। अंबाला पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करने के इरादे से पोकलेन मशीनें ले जाने के आरोप में अज्ञात ड्राइवरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हरियाणा पुलिस ने अंबाला में घग्गर नदी पर शंभू बैरियर पर दिल्ली की ओर जाने वाले राजमार्ग के दोनों किनारों को अवरुद्ध करने के लिए लोहे की चादरें लगा दी हैं। उम्मीद है कि किसान नदी पार करेंगे। पुलिस ने ट्रैक्टर, ट्रॉली और अन्य मोटर वाहनों की आवाजाही को रोकने के लिए नदी के तल को खोद दिया है। किसानों ने नदी पर एक अस्थायी पुल बनाने के लिए ट्रॉलियों में मिट्टी से भरी बोरियां लेकर आए हैं। - हरियाणा के डीजीपी ने पंजाब को लिखा लेटर
- हरियाणा पुलिस के महानिदेशक ने पंजाब के डीजीपी को लेटर लिखा है। जिसमें कहा गया है कि खनौरी और शंभू में पंजाब-हरियाणा सीमा की ओर पोकलेन, जेसीबी आदि मशीनों की आवाजाही रोकने की बात कही गई है। हरियाणा प्रशासन ने कहा कि मशीनों का उपयोग प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड्स को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाना है। जिससे ड्यूटी पर तैनात पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
- बच्चों, महिलाएं और बुजुर्गों को न आने दें
- शीर्ष अधिकारी ने कहा कि कुछ किसान संघ शंभू सीमा पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और डेरा डाले हुए हैं और इनपुट मिले हैं कि प्रदर्शनकारी महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को सामने रख सकते हैं, ताकि पुलिस को कानूनी कार्रवाई करने से रोका जा सके। अगर किसान बलपूर्वक बैरिकेड हटाने का सहारा लेते हैं तो पुलिस के पास कानूनी कार्रवाई करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं होगा और इससे चोट लगने का जोखिम हो सकता है। उन्होंने कहा कि महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों को रोका जाए। (भाषा )

