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केंद्र से नहीं मिला ठोस जवाब, हजारों किसानों का दिल्ली कूच, कहा-फतेह करेंगे, टकराव नहीं

केंद्र से नहीं मिला ठोस जवाब, हजारों किसानों का दिल्ली कूच, कहा-फतेह करेंगे, टकराव नहीं

नई दिल्ली (भाषा )। पंजाब के किसान स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, एमएसपी पर गारंटी, लखीमपुर खीरी हादसे पर सख्त कार्रवाई करने, किसान मोर्चों के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को सरकारी नौकरी व मुआवजा राशि देने की मांग पर अड़े हैं। उन्हें दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए हरियाणा में सुरक्षा के काफी कड़े इंतजाम हैं। कुछ देर बाद दिल्ली की तरफ कूच किया जाएगा। 

शंभू बॉर्डर पर बड़ी संख्या में तमाशबीन भी पहुंचे हैं। पुलिस के समझाने पर भी वे नहीं माने तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। किसान आंदोलन के कारण शाहाबाद में दिल्ली-अंबाला नेशनल हाईवे 44 पर देर रात को ही पक्की बैरिकेडिंग कर दी गई है। वज्र और वाटर कैनन भी तैनात हैं। करनाल से लगती सीमा तक जगह-जगह पुलिस के जवान तैनात हैं। किसानों को हिरासत में लेने की जरूरत पड़ने पर उन्हें ले जाने के लिए पुलिस लाइन में दर्जनों बसें खड़ी की गई हैं। फिलहाल शाहाबाद तक नेशनल हाईवे पर कोई रोक नहीं है, लेकिन किसानों के कूच व शाहाबाद में सील किए गए हाईवे के चलते आवाजाही बेहद कम है। हाईवे सुनसान पड़ा है।किसानों के मार्च पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि किसानों की कुछ मांगों पर हमें राज्यों के साथ चर्चा करने की जरूरत है… हमें चर्चा के लिए एक मंच तैयार करने और समाधान खोजने की जरूरत है। भारत सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए बाध्य है…जनता को असुविधा नहीं होनी चाहिए। किसान संघ को यह समझने की जरूरत है। केंद्र सरकार से कोई ठोस जवाब न मिलने के रोष स्वरूप किसान मजदूर मोर्चा अमृतसर के अध्यक्ष सरवण सिंह पंधेर बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रालियों को लेकर दिल्ली की ओर सरहिंद राजपुरा मार्ग से रवाना हो गए हैं।

किसानों के आंदोलन के करण रोडवेज सेवा भी प्रभावित हुई है। दिल्ली जाने वाली बसें हिसार से वापस लौट रही हैं। पंजाब, राजस्थान की बसें पूरी तरह से बंद हैं। ग्रामीण एरिया की बसें प्रभावित हैं। प्रशासन का दावा है कि दिल्ली, चंडीगढ़ की बसें चल रही हैं लेकिन चालकों ने बताया कि बसें बीच रास्ते ही वापस आ रही हैं।  किसानों ने पंजाब के फतेहगढ़ साहिब से अपना ‘दिल्ली चलो’ मार्च शुरू कर दिया है। फतेहगढ़ साहिब में किसानों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। थोड़ी देर बाद दिल्ली जाने की घोषणा करेंगे।अंबाला से लगता पंजाब का शंभू बॉर्डर पूरी तरह से सील है। शंभू टोल से 1 किलोमीटर पहले एक और नाका लगाया गया है जहां से आगे किसी को भी जाने की अनुमति नहीं है। मीडिया को भी यहीं रोका गया है।किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने मीडिया से कहा कि उनकी मुख्य तीन मांगें- एमएसपी की गारंटी, किसानों के कर्ज माफ करने और 60 से अधिक उम्र के किसानों को पेंशन देने पर सहमति नहीं बन सकी। किसान बातचीत के लिए तैयार हैं और केंद्र सरकार जब भी बातचीत के लिए बुलाएगी, हम जरूर जाएंगे। केंद्र सरकार के पास कोई प्रस्ताव नहीं है और वह केवल समय गुजारना चाहती है। हमने पूरी कोशिश की और मंत्रियों से लंबी बातचीत की लेकिन कोई निर्णय नहीं निकल सका। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि मंगलवार सुबह 10 बजे तक हम सरकार के जवाब का इंतजार करेंगे, उसके बाद दिल्ली कूच होगा।किसान आंदोलन के कारण भारी वाहनसोनीपत के बीसवा मील चौक से आगे केएमपी और केजीपी से दिल्ली भेजे जा रहे हैं। वहीं उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान जाने वाले रास्तों पर वाहनों को डायवर्ट करवाने के लिए पुलिस जवान तैनात हैं। कुंडली सिंघु बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए युद्ध स्तर पर बेरिकेडिंग की है।

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