वाराणसी, सन्मार्ग। नौतपा के 6वें दिन में काशी समेत पूरा पूर्वांचल तपकर परेशान हो चुका है। दिन-रात के 18 घंटे तक धरती की तपिश कम नहीं हो रही। 24 घंटे माथे का पसीना नहीं सूख रहा है। आसमान और जमीन दोनों आग उगल रहे। सुबह 6 बजे से देर रात 12 बजे के बाद तक कंक्रीट की बिल्डिंगें और सड़कों की गर्माहट नहीं जा रही। पूर्वांचल का पारा अब 49डिग्री को भी छू सकता है।
इनदिनों गर्मी चरम पर है। पूरा पूर्वांचल भ_ी की तरह तप रहा है। वाराणसी में रिकार्डतोड गर्मी पड़ रही है। लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी वाराणसी का तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। दिन के साथ ही रात में भी गर्मी से निजात नहीं मिली। ऐसे में लोग तपिश से बेहाल नजर आए। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो 31 मई से न्यूनतम तापमान में थोड़ी गिरावट आने से वार्म नाइट से राहत मिल सकती है।
सीधी पड़ रहीं सूरज की किरणें धरती को झुलसा रही हैं। दिन के साथ ही रात में भी तपिश कम नहीं हो रही है। ऐसे में लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल रही, बल्कि रात में उमस बढ़कर लोगों को बेहाल कर रही है। ऐसे में एसी-कूलर काम नहीं कर रहे हैं। लोग पसीना पोछते नजर आ रहे हैं। टीखी धूप में कंक्रीट से बनी इमारतें ऐसी तप रहीं मानों तवा हो। इसलिए न लोगों को दिन में चैन मिल रहा है और न ही बाहर। गर्मी से इंसान ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षी भी बेहाल हैं।
20 जून तक आ सकता है मानसून
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पूर्वांचल में मानसून की एंट्री 20 जून तक हो सकती है। इसके बाद अच्छी बारिश हो सकती है। इससे पहले इस इलाके में प्री मानसून का असर दिख सकता है।
