गन्ना खरीद की कीमत में ‘ऐतिहासिक’ बढ़ोतरी, हम किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध- मोदी

नयी दिल्ली, (भाषा)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गन्ना खरीद की कीमत में ‘ऐतिहासिकÓ बढ़ोतरी को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मिली मंजूरी का हवाला देते हुए को कहा कि उनके नेतृत्व में केन्द्र सरकार किसानों के कल्याण से जुड़े हर संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्सÓ पर एक पोस्ट में कहा, देशभर के अपने किसान भाई-बहनों के कल्याण से जुड़े हर संकल्प को पूरा करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में गन्ना खरीद की कीमत में ऐतिहासिक बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि इस कदम से करोड़ों गन्ना उत्पादक किसानों को लाभ होगा।
ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने चीनी मौसम 2024-25 के लिए चीनी की 10.25 प्रतिशत वसूली दर पर गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 340 रुपये प्रति क्विंटल करने की मंजूरी दे दी। सरकार के मुताबिक, यह गन्ने की ऐतिहासिक कीमत है जो चालू मौसम 2023-24 के लिए गन्ने के एफआरपी से लगभग 8 प्रतिशत अधिक है। संशोधित एफआरपी 01 अक्टूबर 2024 से लागू होगी।
केन्द्र सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब विभिन्न मांगों को लेकर किसान संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें से अधिकतर किसान पंजाब और हरियाणा के हैं। प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए इस नीति में संशोधन को मंजूरी दिए जाने के फैसले को रेखांकित करते हुए कहा कि इससे विकास और नवाचार के नए रास्ते खुलेंगे।
उन्होंने कहा, हमारी सरकार ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एफडीआई नीति को अद्यतन किया है, जिससे अवसरों के कई मार्ग प्रशस्त हुए हैं। राष्ट्रीय पशुधन मिशन से संबंधित मंत्रिमंडल के निर्णय का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, इससे चारा उत्पादन और नस्ल संरक्षण में प्रमुख वृद्धि के साथ-साथ उद्यमियों के लिए रोमांचक अवसर भी आएंगे।
केजरीवाल को ईडी का सातवां समन
नयी दिल्ली (भाषा)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नया समन जारी कर उनसे पूछताछ के लिए 26 फरवरी को उसके समक्ष पेश होने को कहा है। आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियिम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत सातवां समन जारी करते हुए केजरीवाल की इस दलील को खारिज कर दिया कि उनकी पेशी के लिए नया नोटिस देना गलत है क्योंकि यह मामला एक स्थानीय अदालत के विचाराधीन है।

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