हरियाणा की राजनीति में एक नाटकीय घटनाक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और इसके कुछ ही देर बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई के अध्यक्ष नायब सिंह सैनी को विधायक दल का नेता चुन लिया गया।

हरियाणा भाजपा अध्यक्ष नायब सिंह सैनी ने राजभवन में राज्य के नए मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने उन्हें सीएम पद की शपथ दिलाई। आगामी लोकसभा चुनाव से पहले हरियाणा की राजनीति में एक नाटकीय घटनाक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और इसके कुछ ही देर बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई के अध्यक्ष नायब सिंह सैनी को विधायक दल का नेता चुन लिया गया। 

बीजेपी ने क्यों जजपा संग तोड़ा गठबंधन

जजपा आगामी लोकसभा चुनाव में हिसार और भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट से अपना उम्मीदवार उतारना चाह रही थी, लेकिन भाजपा दोनों सीट छोड़ने के लिए तैयार नहीं थी, क्योंकि पिछले लोकसभा चुनाव में उसने राज्य की सभी 10 सीट पर जीत हासिल की थी। दुष्यंत चौटाला ने सोमवार को भाजपा अध्यक्ष नड्डा के साथ सीटों के बंटवारे के सिलसिले में बातचीत भी की थी, लेकिन संभवत: वह विफल रही।

क्या है राज्य के विधानसभा का गणित

90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में भाजपा के 41 विधायक और जजपा के 10 विधायक हैं। इस गठबंधन को सात में से छह निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन प्राप्त था। आंकड़ों के लिहाज से, भाजपा सरकार को फिलहाल कोई खतरा नहीं दिख रहा है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के 30 विधायक हैं और इंडियन नेशनल लोकदल तथा हरियाणा लोकहित पार्टी के पास एक-एक सीट है।

हुड्डा ने की राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग 

जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के हरियाणा अध्यक्ष निशान सिंह ने कहा कि आज की बैठक में सभी मुद्दों पर चर्चा हुई। यह निर्णय लिया गया है कि कल हिसार में ‘नव संकल्प’ रैली आयोजित की जाएगी और पार्टी ने जो भी बातें तय की हैं, उसकी जानकारी वहां दी जाएगी। वहीं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा कि लोगों ने कांग्रेस सरकार बनाने का फैसला कर लिया है। ये(भाजपा-जेजेपी गठबंधन) एक ‘ठगबंधन’ था। राष्ट्रपति शासन के तहत चुनाव कराए जाने चाहिए। 

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