प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित स्टार्टअप महाकुंभ में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि अब लोग नौकरी खोजने के बजाय नौकरी प्रदाता बन गए हैं।
नई दिल्ली। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित स्टार्टअप महाकुंभ में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भारत में सभी क्षेत्रों में स्टार्टअप हैं। अब लोग नौकरी खोजने के बजाय नौकरी प्रदाता बन गए हैं। भारत की युवा शक्ति का सामर्थ्य आज पूरी दुनिया देख रही है। इस दौरान पीएम मोदी राजनीतिक निशानेबाजी से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग राजनीतिक स्टार्टअप शुरू करने की कोशिश करते हैं। उन्हें स्टार्टअप बार-बार लॉन्च करना पड़ता है। लेकिन आपके और उनके बीच अंतर यह है कि आप प्रयोगात्मक हैं। आप एक लॉन्च की विफलता के बाद नए विचारों को आजमाते हैं।
देश में सवा लाख स्टार्टअप
पीएम मोदी ने कहा कि स्पेस सेक्टर में अब 50 से अधिक स्टार्टअप हैं। भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। 1.25 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप हैं जो 12 लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार पैदा करते हैं। भारत में 110 से अधिक यूनिकॉर्न हैं, देश के स्टार्टअप ने अब तक 12,000 से अधिक पेटेंट पंजीकृत किए हैं। उन्होंने कहा कि जब देश 2047 तक विकसित भारत के रोडमैप पर काम कर रहा है, तो इस स्टार्टअप महाकुंभ का बहुत महत्व है।
सरकार ने सही समय पर लिया निर्णय
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले दशकों में हमने देखा है कि कैसे भारत ने आईटी और सॉफ्टवेयर सेक्टर में अपनी छाप छोड़ी है। अब हम देख रहे हैं कि भारत में इनोवेशन और स्टार्ट-अप कल्चर का चलन लगातार बढ़ रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि मैंने प्रदर्शनी देखी। लोगों में ऊर्जा और जीवंतता अद्भुत है। मैं यह महसूस कर सकता हूं कि आने वाले भविष्य में कई यूनिकॉर्न और डेकाकॉर्न हैं। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए भारत ने सही समय पर सही निर्णय लिए हैं।
पीएम मोदी ने शेयर किया अनुभव
इस दौरान पीएम मोदी ने अपना एक अनुभव भी साझा किया। बताया कि कैसे वह अपने भाषण को क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद करने के लिए एआई का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने यूपीआई का भी जिक्र किया। कहा कि जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान दुनियाभर से आए नेता हमारे यूपीआई से आश्चर्यचकित थे। यूपीआई ने वित्तीय लेनदेन को मजबूत किया है। (भाषा )

