43 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार
वाराणसी, सन्मार्ग। उत्तर प्रदेश कुछ वर्ष पूर्व तक अपराध व अपराधियों के नाम पहचाना जाता था पूर्वाचल में माफियों गुंडों का आतंक के कारण उद्योग-धंधे बंद होने के साथ अन्य राज्योंं मे जा रहे थे।भय आतंक असुरक्षा के कारण उद्योगपति नये उद्योग लगाने में रुची नही दिखा रहे थे।योगी सरकार के कार्यकाल में माफियों के खिलाफ कार्रवाई कर संगठित अपराध पर लगाम लगाने के साथ ही रंगदारी मागे जाने के अपराध पर विराम लगा दिये जाने के बाद उद्योगपति उद्योग लगाने के लिए अपनी रुची दिखाने लगे।पूर्वांचल में रोजगार उपलब्ध न होने के कारण लोगों को रोजगार के लिए अपने घर से सैकडों किलोमीटर जाकर रोजगार व नौकरी करनी उनकी बाध्यता हो गई थी। प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की नीतियों से प्रभावित होकर उत्तर प्रदेश में निवेशक आकर्षित हो रहे है। निवेशकों की रुची से पूर्वांचल में आर्थिक उदय होता दिख रहा है।
मुख्यमंत्री का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने मुहिम में काशी की अग्रणी भूमिका होगी।वाराणसी में 124 निवेशक 15 हजार करोड से अधिक के निवेश के लिए ग्र्रांउड ब्रेकिंग सेरेमनी-4 में शामिल होंगे। इस निवेश से वाराणसी में 43 हजार से अधिक लोगों को रोजगार का अवसर मिलेगा। योगी सरकार उत्तर प्रदेश को ब्रांड यूपी के रुप में विकसित कर रही है। प्रधानमंत्री 19 फरवरी को लखनउ में जीबीसी का उद्धघाटन करेंगे।
इस अवसर पर जनपद स्तर पर भी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उपायुक्त उद्योग वाराणसी मोहन कुमार शर्मा ने बताया कि वाराणसी में 10 करोड से अधिक के 81 निवेशक है यह 14,904,08 करोड का निवेश करने के लिए जीबीसी-4 में लखनउ शामिल होंगे इस निवेश से 42 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। 10 करोड से कम के 43 निवेशक 148,,23 करोड निवेश के लिए जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।
इस उद्योग से लगभग डेढ हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। वाराणसी के लिए एमओयू करने वाले निवेशकों में से कुल 15,052,31 करोड के निवेश के लिए 124 निवेशक ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 4,0 का हिस्सा बनेगें पूर्वांचल में नए उद्योगों में स्थापित होने से युवाओं को नौकरी के लिए दुसरे प्रांत में नही जाना होगा।
काशी में 15 हजार करोड का निवेश करेंगे 124 निवेशक

