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चोलापुर सीएचसी अधीक्षक समेत चार चिकित्साधिकारियों का रोका वेतन, डीएम ने की कार्रवाई

वाराणसी । वाराणसी के जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने जननी सुरक्षा योजना में कम भुगतान होने पर बड़ागांव पीएचसी के प्रभारी का वेतन रोकने और चोलापुर सीएचसी अधीक्षक का वेतन रोकने के साथ प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। साथ ही पिंडरा पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी और नोडल अधिकारी का भी वेतन रोकने का निर्देश दिया।जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की मासिक बैठक कलेक्ट्रेट स्थित राइफल क्लब सभागार में हुई। जिलाधिकारी ने प्रसव पूर्व जांच (एएनसी), जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई), प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान आदि की प्रगति की जानकारी ली।प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) पंजीकरण में लक्ष्य से काफी अधिक रिपोर्टिंग करने के लिए बड़ागांव पीएचसी के नोडल अधिकारी की जांच कराने का निर्देश दिया।

सुधार न होने पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश

पिंडरा पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी को प्रसव पूर्व जांच में बेहद कम उपलब्धि पर इस माह भी वेतन रोकने का निर्देश दिया। बार-बार कहने के बावजूद सुधार न दिखाई देने पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। पिंडरा पीएचसी की हर कार्यक्रम में कम उपलब्धि पर नोडल अधिकारी का भी वेतन रोकने का निर्देश दिया। बैठक में सीडीओ हिमांशु नागपाल और समस्त राजकीय चिकित्सालयों के अधीक्षक आदि मौजूद रहे।

25 शिक्षक गैरहाजिर मिले, वेतन रोका
बेसिक शिक्षा विभाग की 17 टीमों ने सोमवार को 126 परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। इसमें 25 शिक्षक गैरहाजिर मिले। बीएसए ने अनुपस्थित शिक्षकों का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया।

बीएसए ने प्राथमिक विद्यालय मुरली, खरगीपुर, तरया और कम्पोजिट विद्यालय परानपट्टी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत हो रहे कार्याें का जायजा लिया। प्राथमिक विद्यालय तरया में रंगाई-पुताई न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने प्रधानाध्यापक से कहा कि इसे तत्काल ठीक कराएं।

बीएसए अरविंद कुमार पाठक ने बताया कि विद्यालयों के निरीक्षण में 25 शिक्षक गैरहाजिर मिले। उनका एक दिन का वेतन रोका गया है। विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत हो रहे कार्याें का निरीक्षण किया। प्रधानाध्यापकों को हिदायत दी गई कि 10 मार्च तक काम पूरा न कराएं, नहीं तो मार्च महीने का वेतन रोक दिया जाएगा।

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