वाराणसी। बैंकों में ग्राहकों से हेराफेरी कर धोखाधड़ी से ठगी करने वाले इंटरस्टेट गिरोह का सारनाथ पुलिस व एसओजी ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के 5 शातिरों को गिरफ्तार किया है। साथ ही उनके पास से 3 मोबाइल फोन, 2 मोटरसाइकिल व 1 लाख 20 हजार रुपए नगद बरामद किया है। इसका खुलासा एडीसीपी वरुणा ज़ोन टी0 सरवनण ने गुरुवार को किया। पुलिस इनके खिलाफ अग्रिम कार्यवाही में जुटी हुई है।
गिरफ्तार आरोपी जितेन्द्र कुमार, राजेश्वर तिवारी, रवि मिश्रा, हरेन्द्र तिवारी व रंजन मिश्रा बिहार राज्य के विभिन्न जनपदों के रहने वाले हैं। इनमें जितेंद्र कुमार, रंजन मिश्रा व रवि मिश्रा के खिलाफ यूपी के विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। इन सभी को पुलिस ने गुरुवार को सारनाथ थाना क्षेत्र के फरीदपुर अंडर पास के पास से गिरफ्तार किया है। इनके पास से तीन घटनाओं में ठगी के कुल रुपए एक लाख 20 हजार रुपए बरामद किए गए हैं। एडीसीपी ने गिरोह को पकडऩे वाली टीम को नगद 20 हजार रुपए पुरस्कार देने की घोषणा की है।
एडीसीपी ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि अभियुक्तगणका एक गिरोह है, जो बिहार व उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों के विभिन्न शहरों मे बैंकों में जाकर ग्राहकों से हेराफेरी करके धोखाधड़ी के माध्यम से पैसे चोरी करके घटना को अंजाम देते हैं। पुलिस की पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि हमलोग बैंक में जाकर अधिक पैसे निकालने वालोंको टारगेट करते हैं तथा उनके साथ धोखाधड़ी करके उनके पैसे फटे व नकली होने का कहकर उन्हें अपनी बातों में लेकर उनके पैसे को अपने पास रखे पैसे से अदला-बदली कर चोरी कर लेते हैं। फिर वहां से फरार हो जाते है।
यह काम हमलोग कई दिनों से बिहार व उत्तर प्रदेश में कर रहे हैं। बीते 7 मई को बैंक आफ बड़ौदा लेढूपुर सारनाथ, चौबेपुर, गाजीपुर में भी बैंको में पैसा निकालने वालो से हेराफेरी की थी। इसी दौरान भागते समय पुलिस ने दबोच लिया। आरोपियों की गिरफ्तारी वाली पुलिस टीम में सारनाथ थाने से थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह, एसआई अरविन्द कुमार यादव, एसआई महेश मिश्रा, एसआई प्रदीप सिंह, हेड कांस्टेबल विनोद कुमार, कांस्टेबल सौरभ तिवारी शामिल रहे। वहीं एसओजी पुलिस टीम से प्रभारी एसओजी एसआई मनीष कुमार मिश्र, एसआई विनोद विश्वकर्मा, एसआई अरुण प्रताप सिंह, एसआई गौरव कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल विजय शंकर राय, हेड कांस्टेबल ब्रह्मदेव सिंह, हेड कांस्टेबल चन्द्रभान यादव, हेड कांस्टेबल प्रमोद सिंह, कांस्टेबल रमाशंकर यादव, कांस्टेबल पवन तिवारी, कांस्टेबल मयंक त्रिपाठी, कांस्टेबल मनीष बघेल व हेड कांस्टेबल चालक उमेश सिंह शामिल रहे।