बलिया (सन्मार्ग)। यूपी सरकार के पास किसानों का दूध खरीदने की कोई व्यवस्था लगता हैं नही रहा। यूपी से बिहार की डेयरी दूध खरीदकर ले पशुपालकों को मुनाफा दे रही। अगर प्रदेश सरकार की डेयरी दूध खरीद करती तो किसानों को अच्छा पैसा के साथ सुविधाओं का भी लाभ मिलता। उत्तर प्रदेश सरकार को डेयरी से खऱीदवाए के लिए जिले मे व्यवस्था स्थाई रूप से करना होगा और लाभकारी मूल्य पशुपालकों को उपलब्ध कराये। मालूम हो कि स्टाफ और अन्य संसाधनों के हाल जनपद की पराग डेयरी का बुरा हाल है। स्थिति ये है कि डेयरी के पास एक भी फील्ड स्टाफ नहीं है। इसका फायदा उठाकर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से रोजाना दूध की बड़ी खेप बिहार की सुधा डेयरी ले जा रही है। पशुपालकों को भी इसका अच्छा खासा फायदा हो रहा है। बिहार की डेयरी बैरिया तहसील क्षेत्र के करीब पांच दर्जन से अधिक दूध समितियों से दूध खरीदकर बिहार ले जा रही है। पशुपालकों को यूपी की डेयरी की तुलना में बिहार से दूध का अच्छा मूल्य भी मिल रहा है। जिलाधिकारी की ओर से पत्र लिखने के बाद भी पराग डेयरी की हालत में सुधार नहीं हो रहा है।
जनपद हनुमानगंज में स्थापित यूपी सरकार की पराग डेयरी करीब एक दशक पहले तक बैरिया तहसील क्षेत्र से दूध खरीदकर ले जाती थी। अब पराग डेयरी की हालत काफी खराब हो चुकी है। विभाग की सुधि लेने वाला ही कोई नहीं है। डेयरी सुपरवाइजर माता प्रसाद ने बताया कि अंबेडकरनगर पशुआहार फैक्ट्री के अधिकारी के पास पूरे आजमगढ़ मंडल का चार्ज है। डेयरी के पास एक भी फील्ड स्टाफ नहीं है। कुल तीन कर्मचारी है उसमें भी एक ड्राइवर रिटायर होने वाला है।
दो कैजुअल स्टाफ है। डेयरी कैसे चलाई जाए। पिछले दिनों जिलाधिकारी ने डेयरी का निरीक्षण भी किया था। अधिकारी और कर्मचारियों की तैनाती के लिए शासन को पत्र भी लिखा गया था। इसके बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। डेयरी पशुपालकों के पेमेंट में भी काफी पीछे है। इस कारण किसान इससे मुंह मोड़ रहे हैं।
अब पराग की जगह बिहार की सुधा डेयरी क्षेत्र के समितियों से दूध खरीद कर ले जाती है। जि़ले के सहित सैकड़ो गांवों की समितियों से दूध खरीदकर सुधा डेयरी बिहार ले जाती है। औसतन प्रतिदिन लगभग 80 हजार लीटर दूध बिहार जाता है। इससे पशुपालकों को अच्छी आमदनी हो रही है। डेयरी के सचिवों के अनुसार पशुपालकों द्वारा समिति पर दिए गए दूध में फैट मापा जाता है।
फैट के अनुसार डेयरी से दूध की कीमत करीब 30 रुपये से 60 रुपये प्रति लीटर तक मिल जाते हैं। यूपी में दूध की कीमत 30 रुपये से अधिक नही मिल पाती है। बिहार के डेयरी ने अपना प्रोडक्ट भी यूपी में बेचना शुरू कर दिया है। जिले के पूर्वी छोर पर सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन पर डेयरी का स्टाल लगा हुआ है। दूध, दही, लस्सी, मक्खन व मिठाइयों के अलावे पानी भी बेचा जा रहा है।
बलिया के पराग डेयरी में स्टाफ और अन्य संसाधनों का बुरा हाल

