जनता जूझ रही है दूषित पेयजल,यातायात जाम से
वाराणसी, सन्मार्ग। काग्रेस के पूर्व पार्षद जिला काग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष डॉ0 जितेद्र ंसेठ ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि काशी को ग्रीन क्लिन करने का नारा 1995 के नगर निगम के मिनी सदन के चुनाव में भाजपा ने दिया था।उसके बाद के चुनाव मे हेरिटेज सिटी,नई काशी बनाने का नारा दिया,इसके बाद के चुनाव में नारा दिया हम काशी को क्योटों बनायेंगे। जिसके लिए वाराणसी के तत्तकालीन मंडलायुक्त आरएन यादव,डीएम प्रंाजल यादव पूर्व महापौर रामगोपाल मोहले अन्य अधिकारियों के साथ सरकारी खर्चे पर जापान के क्येटों शहर का अवलोकन के दौरे पर गये। दौरे से वापस आने पर काशी को क्योटो बनाने की कवायद शुरु हो गई।
क्योटों बनाने की योजना ठंडे बस्ते में डालकर लोकसभा के चुनाव मे ंकाशी के साथ देश के सौ शहरों को स्र्माट सिटी बनाने की घोषणा कर दी गई। काशी के लोगों को लगा कि काशी स्र्माट हो जाएगी। काशी कितना स्र्माट हुआ है यह काशी की जनता के सामने है स्र्माट सिटी के नाम पर गृहकर जलकर, सीवर टैक्स,के साथ ही झाडु लगाने व कूडा उठाने के नाम पर वाराणसी के नागरिकों के उपर टैक्स का बोझ लादा जा रहा है यह आम आदमी अवगत है। पहले गृहकर का एक टैक्स हुआ करता था इसके बाद आवासीय,व्यवसायिक भवनों के नाम से एसेसमेंट करके टैक्स को बढाये जाने के बाद लगातार हाउस टैक्स बढता जा रहा है।जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 1995 से लगाातर नगर निगम वाराणसी में भाजपा का बहुमत होने के साथ महापौर के कुर्सी पर काबिज है।
दक्षिणी, कैंट, उत्तरी विधानसभा से विधायक एवं सासंद के रुप में चुने जा रहे है 2004 से 2009 का कार्यकाल छोड दे तो। 1991 से 2024 तक पार्षद से लेकर महापौर सभी विधानसभा व संसदीय सीट पर भाजपा के प्रत्याशी निर्वाचित होते आ रहे है।
