वाराणसी, सन्मार्ग। मानव जीवन को सुरक्षित रखने केे लिए पर्यावरण को सुरक्षित रखना अति आवश्यक है। मौजुदा समय में बढती आधुनिकता के साथ प्रदुषण भी बढ रहा है जिसका सीधा असर मानव जीवन पर पड रहा है। शहर को प्रदुषण से निजात के लिए ए-पग संस्था द्वारा एयर प्रदुषण नियंत्रण के लिए कार्य किया जा रहा है। जब पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तभी आम लोगों का जीवन सुरक्षित रहेगा। वाराणसी धार्मिक शहर के साथ ही व्यापार का भी बडा केंद्र होने यहां कूटिर उद्योग भी बडे पैमाने पर संचालित होते है जिससे किसी न किसी रुप में वायू में प्रदुषण बढता है।संस्था के प्रोग्राम मैनेजर महाराष्ट्र के पियुष बलिगोनगर ने बताया कि वाराणसी के एयर प्रदुषण को रोकने के लिए एयर प्रदुषण एक्शन गु्रप द्वारा काम किया जा रहा है।
संस्था के लोग शहर में भ्रमण कर सडक गली में फैले कूडा कचरा को हटाने के लिए,जल रहे कूडे,लगे हुए कूडे के ढेर,डस्टबीन कूडे से भर गया है,सडक के किनारे पटरी पर मिट्टी जमा,टूटी हुई सडके,सडक पर विखरा हुआ मलबा,वगैर ढके हो रहे निर्माण के संबध में नगर निगम के क्षेत्रीय सेनेटरी इंस्पेक्टर को अवगत कराने के साथ ही विकास प्राधिकरण के अधिकारी को भी निर्माण के संबंध में अवगत कराते है। संस्था के प्रोग्राम मैनेजर ने बताया कि वाराणसी का एयर प्रदुषण को कम करने के लिए शासन से एक वर्ष का अनुबंध जुलाई 2023 मेे हुआ है। वाराणसी के अलावा आगरा, लखनउ, गाजियाबाद, प्रयागराज, मथुरा व नेयोडा में भी संस्था द्वारा वायू प्रदुषण पर कार्य किया जा रहा हैै।
उन्होंने बताया कि शहर के एयर प्रदुषण का एयर रिर्पोट स्थानीय स्तर पर देने के साथ ही शासर को भी प्रेषित की जाती है। गौरतलब है कि वाराणसी में सडक गली सफाई के बाद भी गली से लेकर सडक तक कूडा,कचरा फैलने व जलाने से प्रदुषण हो रहा है। दूसरी और चौक क्षेत्र की घनी आबादी वाले इलाकें में एयर प्रदुषण प्रतिदिन बडे पैमाने पर होता है। ठठेरी बाजार, सुडिया,रेशम कटरा गोविदपुरा कर्णघटा में बडे पैमाने पर सोने,चॉदी की गलिया होती है चंादी गलाने मे केडिएयम नामक रसायन पदार्थ का उपयोग किया जाता है जिसका धुआ सीधा लग जाए तों आदमी बेहोश हो जाएगा ।
सोने को गलाने के लिए तेजाब का उपयोग किया जाता है जिसका कुप्रभाव मानव जीवन पर पडने के साथ ही वातवरण भी दूषित होता है। मानव जीवन के लिए केडीएम व तेजाब बहुत ही खतरनाक है उसका धुआ लगने से तरह-तरह की घातक गंभीर विमारी होती है।