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वाराणसी में रिटायर्ड शिक्षिका से 3.55 करोड़ की साइबर ठगी

वाराणसी में रिटायर्ड शिक्षिका से 3.55 करोड़ की साइबर ठगी

स्काई एप डाउनलोड कराकर जालसाजों ने साफ कर दिया बैंक खाता 

वाराणसी। शहर के एक निजी स्कूल की रिटायर्ड शिक्षिका के खाते से जालसाजों ने साइबर ठगी कर 3.55 करोड़ रुपये उड़ा दिए। वाराणसी में इतनी अधिक धनराशि की साइबर ठगी की यह पहली घटना है। जालसाजों ने स्काई एप डाउनलोड कराकर महिला के बैंक खाते को साफ कर दिया। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस एक्टिव हो गई है। घटना के बाद महिला समेत परिवार अवसादग्रस्त हो गया है।

सिगरा थाना के रथयात्रा स्थित अमलनाथ अपार्टमेंट निवासी अशोक रक्षित की पत्नी शम्पा रक्षित एक निजी स्कूल की रिटायर्ड शिक्षिका हैं। पीड़िता ने बताया कि आठ मार्च को उन्हें एक अनजान नंबर से काल आया। फोन करने वाले ने खुद को टेलिफोन रेग्युलेटरी अथारिटी से बताया। कहा कि दो घंटे में महिला का फोन बंद हो जाएगा। अभी आपके पास पुलिस का फोन आएगा। कुछ ही देर में एक दूसरा फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि यह नंबर आपने घाटकोपर से लिया है और इससे अवैध काम हो रहा है। इस पर मैनें कहा कि यह मेरा नंबर नहीं है और मैं मुंबई में नहीं रहती हूं। फोन पर व्यक्ति ने कहा कि आपके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट है और आपको मुंबई के वर्ले स्थित पुलिस स्टेशन आना होगा। उक्त व्यक्ति अपने सीनियर से बात कराने लगा और स्काई एप डाउनलोड कराया। उसने भी गिरफ्तारी की धमकी दी और घर के अंदर रहने और किसी को न बताने को लेकर धमकाया। फोन करने वालों ने दबाव बनाकर महिला से परिवार का पूरा विवरण लिया और बैंक खाते का पूरा ब्योरा चेक किया। शम्पा ने बताया कि जालसाज ने बैंक खाते के सभी रुपये को आरबीआई में डालने और जांच के बाद पैसा वापस आने का भरोसा दिलाया। कहा कि आपकी गिरफ्तारी नहीं होगी। उसने खाता नंबर दिया, उसमें महिला ने 11 मार्च को 3 करोड़ रुपये आरटीजीएस कर दिए। 12 मार्च को दोबारा फोन आया कि खाते में बचा पैसा भी गिरफ्तारी से बचने के लिए बताए खाते में डाल दें। महिला ने वह पैसा भी आरटीजीएस के जरिये भेज दिया। इसके बाद अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट को बताया तो पता चला कि जालसाजी हो गई।

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