वाराणसी , सन्मार्ग। आज सुबह 11 बजे  पर्यटन सेवा से जुड़े विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों नेअपने अपने सदस्यों के साथ सारनाथ के पुरातत्व अधिक्षण अबिनाश मोहंती को एक पत्रक सौंपा. पत्रक में यह मांग की गई की धर्मराजीका स्तूप के बारे में बाबू जगत सिंह को लेकर अंग्रेजों द्वारा थोपी गई मिथ्या सूचना को दुरुस्त किया जाए ताकि विदेशी पर्यटकों के सामने हम भारतीयों को हर रोज शर्मशार न होना पड़े. ज्ञात हो कि हाल के वर्षों मे हुए शोध में यह प्रमाणित हुआ है कि धर्मराजिका स्तूप की खोज काशी के तत्कालीन नरेश चेतसिंह के मंत्री बाबू जगत सिंह ने किया था किंतु अंग्रेजों ने साजिश के तहत उक्त खोज का श्रेय अपने नाम कर लिया और काशी में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बिगुल फूंकने वाले बाबू जगत सिंह को धर्मराजिका स्तूप का विध्वंशक बताकर विलेन के रूप में पेश कर दिया जो आज तक हम भारतीय  ढोते चले आ रहे है.

प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व टी जी ए संरक्षक अशोक वर्मा ने किया जिसमें समाजसेवी मेजर अरविंद सिंह, टूरिस्ट गाइड एसोशिएशन के अध्यक्ष जैनेंद्र कुमार राय , सचिव नीलेश सिन्हा,आई टी एफ ए अध्यक्ष विक्रम मेहरोत्रा,ए टी जी ए अध्यक्ष राजेश्वर् सिंह, सा ट गा अध्यक्ष राजेंद्र पांडेय, सचिव हरिश्चंद्र,सचिव अंकित मौर्या आदि मौजूद  थे.

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