11 लाख 28 हजार 522 मतदाताओं ने किया मतदान
वाराणसी, सन्मार्ग। लोकसभा के चुनाव मे पडे मतों की गिनती होने के बाद से देश के सर्वोच्च सत्ता पर राज व ताज का निर्णय होगा। प्रधानमंत्री चुनाव लडने के कारण वाराणसी ससदीय सीट पर लोगों की विशेष निगाह है। इस बार के चुनाव में नरेदं्र मोदी के जीत के अंतर को लेकर लोगों के बीच चर्चाओं का दौर शुरु हो गया है। मोदी के अलावा इंडिया गठबंधन के अजय राय व बसपा से अतहर जमाल लारी अन्य प्रत्याशियो के भाग्य का फैसला 4 जून को होना हैं। तमाम प्रयास के बावजूद मतदान के प्रतिशत मे ंइजाफा नही हुआ है।भाजपा के मंत्री नेता पदाधिकारियों द्वारा तीसरे चुनाव में मोदी के ऐतिहासिक जीत का दावा किया गया है।
बीते लोकसभा के चुनाव में 57,13 प्रतिशत मतदान हुआ था। 2024 के लोकसभा के चुनाव में जिला निर्वाचन अधिकारी एस राजलिंगम के अनुसार वाराणसी संसदीय क्षेत्र में कुल 19 लाख 97 हजार 578 मतदाताओं में से 11 लाख 28 हजार 522 मतदातओं ने मतदान किया है 0,14 प्रतिशत मतदान बढने की बात कहा है। भाजपा के नेता कार्यकर्ता पूर्व की चुनाव की तरह उत्साहित थे कि बीते चुनाव की तरह मोदी की लहर चलेगी मतदाता मोदी के पक्ष में एक तरफा मतदान कर विपक्ष के प्रत्याशी को करारी शिकस्त देंगे ऐसा नही हुआ। वाराणसी संसदीय क्षेत्र में मतदाताओं का बडा वर्ग हिन्दूत्व के नाम पर मतदान करता है।
बावजूद इसके चुनाव लड रहे इंडिया गठबंधन के अजय राय,बसपा के अतहर जमाल लारी के व्यक्तित्व से प्रभावशाली व्यक्तित्व जनता के बीच नरेंद्र मोदी का है।जिसको देखते हुए मोदी के पक्ष में एक बडा वर्ग का मतदान हुआ हुआ है।2014 के चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी पहली बार चुनाव लडे थे तो 3 लाख 71 हजार वोट से 2019 में 4 लाख 79 हजार सेे जीते थे। उस समय मोदी की प्रचंड लहर थी उनके लहर के आगे सभी मुद्दे गौड हो गये थे।जनता पूरी तरह से मोदी के सर्मथन मेें मतदान करने का मन बना लिया था।
उस समय कांग्रेस,सपा सहित कई प्रत्याशी चुनावी समर में थें इस बार के चुनाव में मोदी के समक्ष सपा के सर्मथन के साथ कांग्रेस के अजय राय चुनावी समर मे है।सवाल उठ रहा है कि जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा दिये गये मतदान के आंकडे के अनुसार मोदी के पक्ष में एक तरफा मतदान हुआ होगा तभी 10 लाख वोटों से जीत दर्ज होगी वगैर इसके संभव नही है।उत्तर प्रदेश में भाजपा के पक्ष में लहर बनाने के लिए बडी तादात में नेताओं की फौज प्रचार करने में लग गई।संगठन के पदाधिकारी,मंत्री बडी सभाओ की जगह क्षेत्रवार छोटी-छोटी बैठके सभाए करने लगे।राम मदिर के निर्माण मुद्दे के सहारे जनता के भावनाओं को कुरेदने का,माफियाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई का,राशन,गैस सिलेंडर,मकान देन के अलावा दी जा रही सभी मुफ्त योजनाओं के बारे में मतदाताओं के बीच उत्साह के साथ प्रचार प्रसार किया गया।
बढती मंहगाई,बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दों को नेपथ्य मे ंडाल दिया गया है जिससे समाज का बडा वर्ग सीधा प्रभावित होता है। इस मुद्दे को लेकर युवा, मजदूर, व्यापारी, किसान के बीच चर्चा में रहा जो सभी मुद्दो पर भारी पडा। राजनैतिक जानकारो का मानना है कि बढती मंहगाई से समाज के बडी आबादी की अर्थ व्यवस्था चरमरा गई है लोगों की कमाई घट रही है यही कारण था की लोगों में मतदान के प्रति उत्साह नही था। दुसरी ओर कहा जा रहा है कि मोदी के बडी जीत के पीछे कई फैक्टर काम कर रहे है।