सियासी गुणा गणित में जुटे राजनेता

वाराणसी, सन्मार्ग। सपा कांग्रेस के एकजुट होने के बाद यह कयास लगाया जा रहा था कि वाराणसी के संासद नरेद्र मोदी के समक्ष वाराणसी ससदीय सीट पर राजनीति में अपनी पहचान रखने वाले किसी कद्दावर नेता को उम्मिदवार बनाया जाएगा जो कडी चुनौती दे सके। नरेद्र मोदी सामने पिछली बार चुनाव लड चुके प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को प्रत्याशी बनाया गया है। लोगों की बीच चर्चा हो रही है कि सपा-कांग्रेस के एकजुट होने से इस बार अजय राय नरेद्र मोदी को कडी चुनौती देगे।श् ंाकर प्रसाद जायसवाल के पहले से वाराणसी ससंदीय सीट पर भाजपा काबीज होती चली आ रही है। इस दौरान डॉ0 राजेश मिश्रा ने चुनाव जीत कर कांग्रेस का परचम लहराया था।उनके बाद से अजय राय लोकसभा का लगातार चुनाव लड रहे है एक बार सपा के प्रत्याशी के रुप में लोकसभा का चुनाव लड चुके है। अजय राय जनता के बीच भाजपा को लगातार कटघरे में खडा कर रहे है उसका असर नही दिख रहा है। कांग्रेस के पास इस तरह का नेतृत्व नही है कि उनके अहवाहन पर पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में मतदाताओं का रुझान बन सके। कांग्रेस के साथ खडे रहने वाले ब्राम्हण मतदाता पार्टी से दुर जा चुके है डॉ0राजेश के कांग्रेस में रहने के दौरान ब्राम्हण मतदाताओं को कुछ रुझान था पार्टी छोडने के बाद कांग्रेस में ब्राम्हण नेतृत्व शुन्य हो गया है। नेतृत्व के अभाव में ब्राम्हण मतदाता कांग्रेस दुर होने का सीधा असर होने जा रहे लोकसभा के चुनाव में दिखेगा। मुस्लिम वोट पर कंाग्रेस व सपा के नेताओं को भरोसा है बसपा सहित क्षेत्रीय दल द्वारा मुस्लिम प्रत्याशी खडा कर दिया गया तो मुस्लिम मतदाता भी विभाजित हो जाएंगे।कांग्रेस के पास बूथ व वार्ड स्तर पर संगठन के अलावा अन्य कार्यकर्ताओं के बीच लोकसभा चुनाव को लेकर किसी तरह की उत्सुकता व सक्रियता नही दिख रही है।कार्यकर्ताओं ने अपना नाम न छापने की शर्त पर कहा कि लोकसभा का चुनाव संगठन के बदौलत लडा जाता है जब संगठन ही नही है तो कैसे चुनाव लडा जाएगा।दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी नरेद्र मोदी के साथ बूथ समिति,पन्ना प्रमुख, वार्ड,मंडल स्तर पर कमेटी के साथ ही युवा मोर्चा,महिला मोर्चा सहित कई फ्रंटल संगठन के कार्यकर्ताओं की बडी फौज है। भाजपा के कार्यकर्ता मुहल्ले की एक-एक गली के मतदाताओं पर पैनी नजर है। जनता के बीच लोकसभा चुनाव को लेकर चुनावी चर्चा शुरु हो गई है।मोदी व विपक्ष के प्रत्याशी को मिलने वाले वोटो का आंकलन किया जा रहा है किसको कितना मिलेगा व नंरेंद्र मोदी की जीत कितने मतों से होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *