वाराणसी। ईडी का अधिकारी बनकर सुप्रीम कोर्ट के गिरफ्तारी वारंट का भय दिखाकर जालसाजों ने नगवां क्षेत्र के कारोबारी मयंक कुमार से 40.50 लाख रुपये ऐंठ लिए। भुक्तभोगी ने इसकी शिकायत साइबर क्राइम थाने की पुलिस से की। पुलिस मुकदमा दर्ज कर घटना की छानबीन कर रही है। मयंक कुमार गुप्ता के अनुसार 13 मार्च को उन्हें अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) का अधिकारी बताते हुए पूछताछ की। इस दौरान स्काइप के माध्यम से वीडियो काल पर उच्चतम न्यायालय से उनके खिलाफ जारी वारंट भी दिखाया गया। उनके व्यक्तिगत और कंपनी के खातों से हुए कुछ लेनदेन के विवरण में लंबी पूछताछ की गई। इसी क्रम में उनके बैंक खातों के पैसे की जांच के लिए 30 लाख रुपये ट्रांसफर करने को कहा गया।
मयंक ने बताया कि 14 मार्चट को उन्हें फिर फोन कर 10 लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर करने को कहा गया। साथ ही यह भी बताया गया कि जांच के बाद पूरा पैसा उनके खाते में वापस हो जाएगा। इसके साथ ही रिजर्व बैंक आफ इंडिया का एक पत्र भी स्काइप के माध्यम से उन्हें दिखाया गया। भुक्तभोगी ने बताया कि उन्हें एक रुपये भी वापस नहीं मिले। जालसाजों ने उनके 40 लाख 50 हजार रुपये हड़प लिए।