वाराणसी। काशी में बौद्ध सर्किट की तरह अब जैन सर्किट भी बनेगा। पर्यटन विभाग ने इसके लिए प्राथमिक सर्वे करा लिया है। काशी चार जैन तीर्थंकरों की जन्मस्थली रही है। ऐसे में हर साल लगभग 10 लाख जैन अनुयायी काशी आते हैं। ऐसे में काशी में जैन सर्किट विकसित करने की पहल की जा रही है। काशी में चार जैन तीर्थंकरों का जन्म हुआ। उन्होंने अपना कर्म क्षेत्र भी काशी को ही बनाया था। सांतवें तीर्थंकर सुपार्श्वनाथ का जन्म भदैनी, आठवें तीर्तंकर चंद्रप्रभु का जन्म चौबे के चंद्रावती में, 11वें तीर्थंकर का जन्म श्रेयांशनाथ का जन्म सारनाथ और 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ का जन्म भेलूपुर में हुआ है। तीर्थंकरों की जन्मस्थली को देखने और साधना करने के लिए हर साल 10 लाख से अधिक जैन अनुयायी वाराणसी आते हैं। 

पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार हर साल अच्छी-खासी तादाद में जैन अनुयायी काशी आते हैं। ऐसे में काशी में जैन सर्किट भी विकसित किया जाएगा।

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