वाराणसी।होली पर नगर निगम की सफाई व्यवस्था दम तोड़ गई। शहर के कुछ हिस्सों को छोड़ दें तो सड़क के चौराहे कूड़ेदान बने नजर आए और नालियां गंदगी से पटी रहीं। त्योहार से पहले अफसरों ने साफ-सफाई के बड़े-बड़े दावे किए थे वह सब बेअसर साबित हुए। यही कारण है कि पिछले दिनों जारी हुई स्वच्छता रैकिंग में वाराणसी 41वें नंबर पर पहुंच गया था। इसके बाद निगम के अफसर नहीं चेते और मंगलवार को पूरा दिन शहर की सड़कों पर कूड़ा जमा रहा।

आम तौर पर प्रतिदिन छह सौ मीट्रिक टन कूड़ा एकत्रित होता है। इस बीच होलिका दहन के बाद राख व अबीर-गुलाल के चलते बुधवार को यह मात्रा बढ़कर 11 सौ मीट्रिक टन हो गया। हालांकि नगर निगम ने दावा किया था कि उसने सफाई की तैयारियां पूरी कर ली थी। हर बार की तरह इस बार भी दावे कागजी ही निकले और लंका, दुर्गाकुंड, सुंदरपुर, खोजवां, नवाबगंज, कश्मीरीगंज, सरैंया, किरहिया, सुदामापुर, विनायका, बड़ी गैबी, भिखारीपुर, मंडुआडीह, महमूरगंज, लक्सा, औरंगाबाद, जद्दूमंडी, कालीमहाल, चेतगंज, सिद्धगिरीबाग, अर्दलीबाजार स्थित महावीर मंदिर के पास, पहड़िया, सरनाथ, दशाश्वमेध, बंगालीटोला, चौक, ठटेरीबाजार, गोलघर सहित दर्जनों स्थान ऐसे हैं जहां से होलिका के अवशेष सड़क पर बिखरा है। 

इसके साथ ही सोनारपुरा, रेवड़ी तालाब, मदनपुरा, चौक, मैदागिन, आदमपुर, शिवपुरवा, छित्तुपुर, नरिया, कबीरचौरा, भोजूबीर, शिवपुर, सिकरौल सहित कई स्थानों पर सड़क और गलियों में कूड़े का अंबार लगा रहा है। कुछ चौराहों पर तो कूड़े का ढेर इतना था कि चार पहिया वाहन किसी तरह निकल पा रहे थे। लोगों का कहना है कि अगले एक दिन में यह कूड़ा और नहीं उठा तो इससे उठने वाली बदबू से निकलना मुश्किल हो जाएगा।

नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर पीके शर्मा ने कहा कि सफाई मुकम्मल कराई जा रही है। बचा कूड़ा बुधवार को हटा लिया जाएगा। होलिका दहन के बाद कुछ जगहों पर अभी आग बाकी है, ऐसे में वहां सफाई नहीं कराई गई है। आग पूरी तरह शांत होते ही उसे भी हटवा लिया जाएगा।

एक तिहाई गाड़ियां ही निकली सफाई पर
मंगलवार सुबह छोटी-बड़ी 50 व शाम में 75 छोटी-बड़ी गाड़ियां निगम के परिवहन विभाग के डिपो से निकलीं। निगम के पास लगभग 210 कूड़ा गाड़ियां हैं। कई सफाई कर्मी भी नहीं आए। इससे सफाई प्रभावित रही। योजनाबद्व तरीके से यदि सोमवार शाम से ही गाड़ियां सफाई काम में लग जाती तो मंगलवार की सुबह तक सफाई का काम पूरा हो जाता। मगर आलम यह रहा कि सफाई का काम आधा भी नहीं हो सका।

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