वाराणसी। काशियाना फाउंडेशन के नेतृतव में नशा मुक्ति के लिए 22 दिवसीय भारत यात्रा का आयोजन किया गया। संस्था के 10 लोग 7 हजार किलोमीटर का सफर कर लोगों को जागरूक किया। खासतौर से पूर्वोत्तर राज्यों में भ्रमण कर लोगों को नशा से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। संस्था के संस्थापक सुमीत सिंह ने कहा कि नशा मनुष्यता के लिए अभिशाप है। सभ्य समाज में नशे का कोई स्थान नहीं है। यह तन मन दोनों के लिए घातक है। नशे का पूर्ण बहिष्कार होना चाहिए। यह प्रयास सरकार एवं समाज को मिलकर करना चाहिए। काशियाना फाऊंडेशन द्वारा नशामुक्ति का अभियान चलाया जा रहा है यह अपने लक्ष्य की पूर्ती करे ऐसी मेरी शुभकामना है। कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाने से पहले नशा मुक्त बनाना सबसे आवश्यक है। ऐसा करके ही देश की सकारात्मक ऊर्जा को उचित दिशा में ले जाया जा सकता है। फाउंडेशन के लक्ष्य को इंगित करते हुए भारत का प्रत्येक युवा दुनिया की निगाह में एक ओपिनियन लीडर की भूमिका में रहे। भारत के युवाओं का मानसिक और सामाजिक चरित्र निर्माण दुनिया के लिए मिसाल बन सके। यह तभी संभव होगा जब हम नशे के विरुद्ध देश की जागरूकता को चरम पर ले जाने में कामयाब हो जाएंगे। यह यात्रा एक धर्मयज्ञ है, जिसमें समाज की हर पीढ़ी की सहभागिता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी और सामयिक है। सुमित के मुताबिक, जिस दिन हिन्दुस्तान के प्रत्येक परिवार में नशे के विरुद्ध पूर्ण जागरूकता आ जाए। काशियाना फाउंडेशन की यह यात्रा अपनी इस अभियान के जरिए देश की करीब 3 करोड़ आबादी को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाएगी। इस अभियान के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भारत की भावी पीढिय़ां, सुसंस्कृत, शिक्षित,सभ्य और शारीरिक तौर पर मजबूत रहें।

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