वाराणसी। एमपी/एमएलए कोर्ट वाराणसी के विशेष न्यायाधीश अवनीश गौतम की अदालत ने नौ महीने बाद ही अंतरराज्यीय गिरोह (आईएस-191) के सरगना और गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने के हिस्ट्रीशीटर मुख्तार अंसारी को दूसरी बार उम्रकैद की सजा सुनाई है। पहले अवधेश राय हत्याकांड में सजा सुनाई थी। अब गाजीपुर के फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। पुलिस प्रशासन के मुताबिक वाराणसी के साथ ही गाजीपुर और लखनऊ की अदालतें भी मुख्तार को सजा सुना चुकी हैं। करीब 18 महीने में ही मुख्तार को 8वें मामले में सजा मिली है।

करीब 18 महीने में ही मुख्तार को 8वें मामले में सजा मिली

तीन राज्यों और नौ जिलों में दर्ज हैं 65 से ज्यादा मुकदमे, 21 में ट्रायल

मुख्तार अंसारी के खिलाफ गाजीपुर, वाराणसी, चंदौली, आजमगढ़, मऊ, सोनभद्र, लखनऊ, बाराबंकी, आगरा के अलावा पंजाब और नई दिल्ली में हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, रंगदारी, गैंगस्टर, एनएसए सहित जघन्य प्रकृति के अपराधों के लगभग 65 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। मुख्तार अंसारी के विरुद्ध लंबित 65 अभियोगों में से 21 का विभिन्न न्यायालयों में ट्रायल चल रहा है।

सिर पकड़कर बैठ गया, गिड़गिड़ाया मुख्तार
सजा सुनने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश मुख्तार अंसारी गिड़गिड़ाने लगा और सिर पकड़कर बैठ गया। उसने खुद को बीमार और बुजुर्ग बताया। साथ ही कहा कि कम सजा दी जाए। हालांकि अदालत ने अपराध को बड़ा करार दिया और उम्रकैद की सजा सुना दी।

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