बडे क्षेत्रफल में बन रहा पंडाल, लग रहा सीसीटीवी कैमरा

वाराणसी, सन्मार्ग। आम चुनाव में हर राजनैतिक दल के रणनीतिकार सत्ता के कुर्सी पर काबिज होने के लिए रणनीति बनाने में लग गये है। जातीगत आधार पर बोट बैंक बनानें के व्यूरचना रची जा रही है।देश की सत्ता पर किसी दल को काबिज कराने में दलित मतदाताओं की भी अहम भूमिका होती है।दलितों के आराध्य संत रविदास के नाम नाम पर देश का दलित लामबंद हो जाता है।वाराणसी के सीर गोर्वधन मे स्थित संत रविदास में ंमंदिर है वहा उनकी जयंती प्रतिवर्ष मनायी जाती है।इस उत्सव में देश का दलित समुदाय शामिल होता है।
जिसकों अपने पक्ष में करने के लिए दलों के दिग्गज नेता शिरकत कर मत्था टेकने के साथ लंगर भी छकते है। इस वर्ष आयोजित जयंती के अवसर पर वाराणसी के संासद प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी भी शिरकत करेंगे।24 फरवरी माघी पूर्णिमा संत रविदास की जंयती कि अवसर पर मंदिर में मत्था टेकने के बाद प्रतिमा का आनावरण भी करेंगे। उत्सव को भब्य रुप देने के लिए मंदिर प्रशासन लग गया है। जंयती में शामिल होने के लिए लोग सीरगोर्वधन पहुचने लगे है जिसके कारण लंगर भी शुरु हो गया है।रविदास जयंती के अवसर राजनीति का बडा केंद्र बन गया है दलों के नेता जंयती के अवसर पर शिरकत करने के लिए आतुर रहते है।
राजनैतिक दल के नेताओं का एक लक्ष्य होता है कि दलित समुदाय के बीच उनके उपस्थित होने का संदेश जाए।आगामी लोकसभा का चुनाव को देखते हुए इस बार का जयंती उत्सव राजनैतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण हो गया है।प्रधानमंत्री के अगमन को देखतेे हुंए सीरगोर्वधन मंदिर जाने वाले मार्ग पर सुरक्षा के दृष्टिगत सीसीटीवी कैमरा लगाया जा रहा है।संगत के पंडाल में ही प्रधानमंत्री मोदीस े संत सेे संत नीरंजन से मुलाकात होगी।मंदिर के समीप बडे क्षेत्रफल में पंडाल बनाया जा रहा है जिसमें 100 बाई 80 का जर्मन हैंगर का पंडाल होगा। इसके पूर्व भी संत निरंजन से दो बार उपरोक्त स्थल पर प्रधानमंत्री मांदी से मुलाकात हो चुकी है।रविदास मंदिर के आसपास का बडे इलाकें की सफाई हो रही है घास लगाकर हरियाली के लिए घास व पौधेे लगाये जा रहे है। पंजाब से पहुचें सेवादार मंदिर की सफाई व अन्य कार्यो में लग गये है। लंगर हाल में काम करनेे वाले सेवादारों की सूची चश्पा हो गई है।पुलिस प्रशासन की ओर से अस्थाई पुलिस चौकी स्थापित कर दी गई है जिसका संचालन 18 फरवरी से शुरु हो जाएगा। जिला व पुलिस प्रशासन मेला क्षेत्र में आने वाली भीड के मद्देनजर स्थलों को चिन्हित कर ड्यटी निर्धारित करने में जुट गया है।

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