वाराणसी। रामनगर पड़ाव मार्ग के चौड़ीकरण के लिए रामनगर में चल रहे ध्वस्तीकरण अभियान में एक दिन विश्राम के बाद सोमवार को एक बार फिर बुल्डोजर हरकत में आया। लेकिन, मुआवजा को लेकर साहित्यनाका क्षेत्र में नागरिकों ने मोर्चा खोल दिया और बुल्डोजर के आगे खड़े होकर विरोध जताने लगे। दूसरी तरफ अतिक्रमण हटाओ अभियान की चपेट में आकर पूरी तरह बेघर हो गए 40 सफाई कर्मियों के परिवार के लोगों ने आशियाने की गुहार लेकर रामनगर जोनल कार्यालय के बाहर सांकेतिक प्रदर्शन किया। पड़ाव-रामनगर फोर लेन निर्माण को लेकर रामनगर में ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जा रहा है। तूफानी गति से ध्वस्तीकरण करने के बाद विभाग आराम की मुद्रा में चला गया। इधर जिन लोगों को मुआवजा मिल गया था, उन लोगों ने खुद ही अपने निर्माण तोडऩा जारी रखा। सोमवार को लोक निर्माण विभाग सदल बल फिर ध्वस्तीकरण के लिए आ डटा। साहित्यनाका क्षेत्र में बिना मुआवजा या टोकन दिए एक निर्माण गिरा दिया गया। इसके बाद लोग आक्रोशित हो गए और बुल्डोजर के आगे खड़े हो कर नारेबाजी करने लगे। माहौल इतना गरम हो गया कि पुलिस से नोकझोंक की स्थिति बन गई। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि लोक निर्माण विभाग की नीयत खराब है। वह बिना मुआवजा दिए निर्माण गिराने पर आमादा है, जबकि पहले ही तय हो चुका था कि बिना मुआवजा दिए एक भी निर्माण ध्वस्त नहीं किया जाएगा। भारी विरोध के चलते बुल्डोजर जहां के तहां घण्टों खड़े रहे। लोग हटने को तैयार ही नहीं थे। अपराह्न तीन बजे के बाद लोनिवि के एई वीके सिंह की ओर से आश्वासन दिया गया कि जिनका मुआवजा मिल गया है उन्हीं का निर्माण तोड़ा जाएगा, तब जाकर माहौल शांत हुआ।

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