वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम के दक्षिण द्वार के समीप स्टील की बैरिकेडिंग में उतरे करंट की चपेट में आने से दो किशोरियां अचेत हो गई। एंबुलेंस के चालक के गायब होने की वजह से आननफानन उन्हें उपचार के लिए ई-रिक्शा से मंडलीय अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की हालत स्थिर बताई गई है। इस दौरान पांच अन्य श्रद्धालुओं को भी करंट का हल्का झटका लगा था।

श्री काशी विश्वनाथ धाम के दक्षिणी द्वार के समीप गर्मी के कारण सुरक्षा कर्मी कूलर चलाकर बैठे हुए थे। कूलर के तार के ऊपर किसी ने लोहे की बेंच रख दी थी। कूलर का तार कटा हुआ था। इस वजह से बेंच से करंट स्टील की बैरिकेडिंग में प्रवाहित होने लगा। द्वार से गुजरने के दौरान पांच श्रद्धालुओं को बैरिकेडिंग में प्रवाहित हो रहे करंट से हल्का झटका लगा। 

वहीं, गुजरात के अहमदाबाद से आई राजल भूपति (16) और संजना (17) अचेत हो गई। उधर, इस संबंध में विश्वनाथ धाम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि दोनों किशोरियों की तबीयत ठीक है। जो गड़बड़ी हुई थी, उसे दुरुस्त करा दिया गया है। भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न होने पाए, यह हर हाल में सुनिश्चित कराया जाएगा।

एंबुलेंस रहती है, लेकिन गायब रहते हैं चालक
स्थानीय लोगों का कहना था कि विश्वनाथ धाम में आकस्मिक स्थिति के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था है। मगर, एंबुलेंस के चालक गायब रहते हैं। इसके चलते जब भी किसी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत होती है तो उसे अस्पताल तक पहुंचाने के लिए ऑटो या फिर ई-रिक्शा की मदद लेनी पड़ती है।

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