वाराणसी। जनपद में मच्छर जनित रोग जैसे डेंगू, मलेरिया एवं संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने शपथ ली। इस शपथ के साथ विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत की गई। यह अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। स्वास्थ्य समेत 10 विभागों के सहयोग से अभियान के अंतर्गत डेंगू, मलेरिया, दिमागी बुखार आदि के साथ ही टीबी, कुष्ठ, कालाजार एवं फाइलेरिया के लक्षणयुक्त मरीजों को भी चिह्नित करने पर जोर रहेगा।

सीएमओ डॉ संदीप चौधरी के नेतृत्व में नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ एसएस कनौजिया, जिला मलेरिया अधिकारी एससी पाण्डेय, डीएचईआईओ हरिवंश यादव, सहायक मलेरिया अधिकारी केके राय,  बायोलोजिस्ट डॉ अमित कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों व यूनिसेफ के डीएमसी ने शपथ ली कि हम अपने गांव, ब्लॉक, जनपद और देश को रोग मुक्त कराने के लिए प्रतिबद्ध है। हम शपथ लेते हैं कि व्यक्तिगत साफ-सफाई का ध्यान रखेंगे, अपने घर के आस-पास साफ-सफाई रखेंगे, अपने गांव और मोहल्ले के वातावरण को स्वच्छ रखेंगे तथा समुदाय को साफ-सफाई और स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। संचारी रोग हमारे गांव अथवा क्षेत्र में रहने वाले परिवारों को आर्थिक नुकसान का एक बड़ा कारण हो सकते हैं। हम शपथ लेते हैं कि संचारी रोगों से लड़ाई में हम हर संभव प्रयास करेंगे कि हमारे परिवार और समुदाय इन रोगों से मुक्त रहें। हमारे गांव अथवा हमारे आस-पास के क्षेत्र में यदि कोई व्यक्ति बुखार से पीड़ित होगा तो उसके परिवार को तुरन्त इलाज के लिए सरकारी अस्पताल जाने के लिए प्रेरित करेंगे।   

ये सावधानियां बरतें 
नोडल अधिकारी ने कहा कि घर व आसपास कहीं भी जल जमाव या गंदगी एकत्रित न होने दें, क्योंकि जिन स्थानों पर पानी ठहरेगा या जल जमाव की स्थिति पैदा होगी, वहाँ मच्छरों का लार्वा पनपेगा। इसकी वजह से वेक्टर (मच्छर, मक्खी आदि) जनित विभिन्न संक्रामक व संचारी रोग उत्पन्न होंगे। उन्होंने कहा कि बताया कि जनपद में डेंगू, मलेरिया व मच्छर जनित अन्य बीमारियों को रोकने के लिए जन-जागरूकता का कार्य किया जा रहा है जिससे स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सके। स्वास्थ्य कर्मियों व आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर जन-जागरूकता के माध्यम से बदलते मौसम, संचारी रोगों से बचाव और साफ-सफाई के बारे में जानकारी दी जा रही है। जिला मलेरिया अधिकारी एससी पाण्डेय ने बताया कि वेक्टर जनित अधिकतर बीमारियाँ मच्छरों के काटने से फैलती हैं। इन बीमारियों से बचने के लिए मच्छरों से बचाव करना बहुत जरूरी है। इसके लिए घर व आस-पास साफ-सफाई रखें तथा जल का भराव न होने दें। झाड़ियों और नालियों को साफ सुथरा रखें, आसपास रुके हुए पानी में जला हुआ मोबिल आयल या मिट्टी का तेल डालकर लार्वा को नष्ट करें, घर के दरवाजे और खिड़की पर मच्छर रोधी जाली लगाएं। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। कूलर, फ्रिज आदि को साप्ताहिक रूप से साफ करें। छत पर निष्प्रयोज्य बर्तन, पाइप, टायर, नारियल के खोल आदि न डालें। गमलों और फूलदानों को भी साफ रखें।

जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि अभियान के दृष्टिगत शहरी क्षेत्र में 70 और ग्रामीण क्षेत्र में 101 हॉट स्पॉट बनाए गए हैं जहां विशेष विशेष ज़ोर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनपद में वर्ष 2022 में मलेरिया के 78, वर्ष 2023 में 27 रोगी पाये गए। जबकि वर्ष 2022 में डेंगू के 562 व वर्ष 2023 में 451 रोगी पाये गए। वर्ष 2022 में चिकनगुनिया के 45 और वर्ष 2023 में 124 रोगी पाये गए। वहीं इस साल अब तक डेंगू के 2 और चिकनगुनिया के 6 रोगी मिले हैं। मलेरिया के एक भी रोगी नहीं पाये गए।


खानपान पर दें ध्यान
बुखार की स्थिति में मरीज को पूरी तरह से आराम करना चाहिए। अधिक से अधिक तरल पदार्थों जैसे ताजे फलों का जूस, दाल का पानी, नारियल पानी, ओआरएस घोल, दूध-छाछ, ताजे फल, प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत करने वाले खाद्य पदार्थों आदि का सेवन करना चाहिए। तले भुने, गरिष्ठ भोजन, दर्द निवारक दवाओं आदि से बचना चाहिए।

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