वाराणसी।वाराणसी के नगवा (लंका) स्थित श्री दुर्गा मातृ छाया शक्तिपीठ की संस्थापिका देवी उपसिका साध्वी गीताम्बा तीर्थ नवरात्रि के अष्टमी तिथि को अपने भक्तों को संबोधित करते हुए कही की कन्या भ्रूण हत्या करना सबसे बड़ा पाप है, लोग बेटा के लिए कन्या भ्रूण हत्या करते हैं और नवरात्रि में कन्या खिलाने के लिए घर-घर बेटी को ढूंढते हैं।
उन्होंने कहा कि विद्या की देवी सरस्वती है, धन की देवी लक्ष्मी है और शक्ति की देवी काली है और तीनों ही महिला स्वरूप है । यह सब जानते हुए भी हम कोख में पालने वाली कन्या का हत्या कर देते हैं और कहते हैं कि हम मां को पूजते हैं यह कैसी पूजा है। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या करने वालों का कोई पूजा मां स्वीकार नहीं करती हैं वह आदि शक्ति हैं।कहा कि जो कन्या भ्रूण हत्या करता है आदि शक्ति मां उसके घर कभी नहीं जाती हैं और वह चारों तरफ से दुख का भागी बनता है।